भरुआ सुमेरपुर। श्री गायत्री तपोभूमि परिसर में चल रही राम कथा में जूना अखाड़ा छत्तीसगढ़ के महामंडलेश्वर कथा व्यास आत्मानंद गिरि जी ने कहा कि गलत दिशा से दशा खराब होती है। दिशा बदल देने से मनुष्य की ग्रह दशा में स्वत: सुधार हो जाता है। उन्होंने कहा कि राजा भानु प्रताप की दिशा गलत होने के कारण उन्हें श्राप का भागीदार बनना पड़ा था। उन्होंने कहा कि महात्मा तीन प्रकार के होते हैं। जिसमें असली, नकली और फसली हैं।यह कटु सत्य है। इसलिए जो कुछ बनना है वह हमेशा असली ही बने। नकली फसली बनना गलत दिशा में जाना है। कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। (संवाद)