इससे मरीजों को इसका लाभ मिलना बंद हो गया था। मरीजों की परेशानियों को देखते हुए सीएमओ द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक को पत्र लिखकर नई लिफ्ट की डिमांड भी की गई। इसके बाद से 5 अगस्त 2021 तक लिफ्ट की मांग बनी रही।
15 वर्ष में सीएमएस व अस्पताल प्रबंधन की ओर से 16 बार महानिदेशक को पत्र लिखकर नई लिफ्ट की मांग की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। लैब, पैथालॉजी, ओपीडी के साथ डायलिसिस पहुंचने में मरीजों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को स्वास्थ्य भवन लखनऊ के धर्मेंद्र श्रीवास्तव व विभागीय अभियंत्रण इकाई प्रयागराज के इंजीनियर विकास ने इसका सर्वे किया। जिला अस्पताल के मैनेजर विवेक राजधर ने बताया कि स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। इसके स्वीकृत होते ही इस पर काम शुरू कराया जाएगा।