मौदहा में खाद्यान्न उठान का विरोध करते कोटेदार।
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फेयर प्राइस डीलर संघ के बैनर तले कोटेदारों ने राशन सामग्री उठान का बहिष्कार शुरू कर दिया है। मंगलवार को कोटेदारों ने सामग्री वितरण का लाभांश व भाड़ा न दिए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने सरकारी राशन गोदाम को खुलने नहीं दिया। बैनर लगाकर जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि अगर खाद्यान्न उठाकर कार्ड धारकों में नहीं बांटा गया तो बाढ़ से प्रभावित गरीबों को भोजन के लाले पड़ सकते हैं।
मंगलवार को सुबह से ही नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदार मंडी परिसर स्थित खाद्य विपणन शाखा के गोदाम में पहुंचे। वहां बैनर लगाकर गोदाम नहीं खुलने दिया और जमकर नारेबाजी की। कोटेदारों का कहना है कि वे तब तक राशन सामग्री का उठान नहीं करेंगे जब तक उन्हें राशन बिक्री का लाभांश व भाड़ा का पैसा नहीं मिल जाता। वहीं गोदाम प्रभारी मार्केटिंग विभाग के रामबाबू यादव ने बताया कि विकासखंड क्षेत्र में 93 कोटेदार हैं।
माह की 24 तारीख तक इन्हें अपनी मौजूदा समय में चीनी उठान का रुपये जमा करना पड़ता है। इसी के बाद 23 से 30 तारीख तक उठान करना होता है।
बताया कि यहां से 4195 क्विंटल गेहूं पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को व 1797 क्विंटल चावल तथा अंत्योदय कार्डधारकों के लिए 472 क्विंटल गेहूं व 1363 क्विंटल चावल का उठान होता है।
कोटेदारों ने सुबह से ही गोदाम के गेट पर बैठकर नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया और सामग्री उठान से इंकार कर दिया। गौरतलब बात यह है कि पहले सूखा के चलते सरकार ने गरीबों को समाजवादी पैकेट दिए, नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण का ऐलान किया।
गरीबों के घर चूल्हे जले और अब बाढ़ व जल भराव के बाद ज्यादातर गरीब मजदूरी नहीं कर पाए। घर में रखा हुआ सामान भी पानी से बर्बाद हो गया और बहुत से लोग बेघर हो गए। ऐसी स्थिति में यदि कोटेदारों ने राशन सामग्री उठान नहीं की तो सितंबर में वितरण व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है।