हमीरपुर। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जनपद में 2,37,548 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन किया जाना है। सात जनवरी से काम शुरू हुआ था और एक माह चार दिन में महज 13.41 फीसदी ही मतदाताओं का सत्यापन हो पाया है। काम की रफ्तार बहुत ही धीमी है, इस वजह से राज्य निर्वाचन आयोग की प्रगति रिपोर्ट में जिला 49वें स्थान पर खिसक गया है।
सत्यापन के निर्देश के बावजूद बीएलओ सत्यापन कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिसके चलते एक माह चार दिन बीतने के बाद 31,857 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कार्य हो पाया। सिर्फ 13.41 फीसदी काम की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग के पास है। उसमें 30447 मतदाता सत्यापन में सही पाए गए। सत्यापन की अंतिम तारीख 20 फरवरी है। इस लिहाज से 10 दिन में जिले में 2,05,691 मतदाताओं का सत्यापन किया जाना बाकी है। देखना यह है कि 10 दिन में 86.54 फीसदी कैसे पूरा होगा।
शिक्षण और सत्यापन में फंसे बीएलओ
बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ज्यादातर शिक्षक है। ऐसे में स्कूल का काम। इसके बाद वृहद पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) का काम। तीसरा राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची पर काम करना पड़ रहा है। हर काम की समय सीमा निर्धारित है। ऐसे में बीएलओ परेशान है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ बीएलओ ने अपनी पीड़ा बताई। कहा कि एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई वाली कहावत हम सभी के ऊपर चरितार्थ होती दिख रही है। विधानसभा का काम लेट हो तो फटकार, पंचायत का काम न कर पाऊं तो वहां जवाब दूं। ऐसे में परेशानी स्वाभाविक है।
संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कार्य चल रहा है। 20 फरवरी तक काम को पूरा किया जाना है। काम की रफ्तार धीमी है। बीएलओ को समय पर काम करने के निर्देश दिए गए है। सत्यापन रिपोर्ट मिलते ही फौरन अपलोड की जाएगी।
एसके शुक्ला सहायक निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर