हमीरपुर। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाला पत्योरा से बड़ाकछार होते हुए सुरौली बुजुर्ग संपर्क मार्ग 42 सालों से उपेक्षा का शिकार है।
इस मार्ग को बनवाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन से मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि गतवर्ष एक कंपनी सड़क का सर्वे कर ले गई, लेकिन इसके बाद कार्य धरातल पर नहीं उतरा। इससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है।
सुमेरपुर क्षेत्र के सुरौली बुजुर्ग से बड़ाकछार सात किलोमीटर संपर्क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। बारिश में रास्ता दलदल बन जाता है। सड़क निर्माण के 42 साल गुजर जाने के बाद भी दोबारा इस सड़क की मरम्मत तक नहीं कराई गई।
इससे पत्योरा, बड़ाकछार, सुरौली बुजुर्ग, झंझरिया डेरा, करही डेरा, बरुआ व भौरा गांवों की करीब 25 हजार की आबादी का आवागमन होता है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा वर्ष 1982 में इस सड़क का निर्माण कराया गया था। तब से लेकर आज तक इस सड़क की किसी ने सुध नहीं ली है।
सुरौली बुजुर्ग निवासी बीडीसी कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बड़ाकछार निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि इस मार्ग से करीब छह गांवों का आवागमन होता है। कई बार मांग की जा चुकी है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की सड़कें जिला पंचायत विभाग को सौंप दी गई हैं। अब या तो जिला पंचायत इस सड़क का निर्माण कराए या फिर उन्हें हैंडओवर कर दे तो विभाग इसकी मरम्मत कराएगा।
एमएल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि।
सड़क की जानकारी कर प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। जैसे भी होगा सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
- डॉ. मनोज कुमार प्रजापति, सदर विधायक