500 और 1000 के नोट बंद होने का असर विकास कार्यों पर भी पड़ा है। बड़े नोट बंद होने और छोटे नोट की कमी के चलते ज्यादातर ठेकेदारों ने काम रोक दिया है। जिले में ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण हो रहा है। वहीं, सभी 339 ग्राम पंचायतों में चौदहवें वित्त आयोग से सीसी रोड के साथ नाली निर्माण चल रहा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना से भवनों का निर्माण करा रहे हैं।
जबकि शहरी क्षेत्रों में डूडा आसरा योजना से गरीबों के आवास बन रहे हैं। राज्यवित्त के भी काम चल रहे हैं। लोहिया आवास, आंगनबाड़ी केंद्र बन रहे हैं। ठेकेदार न तो निर्माण सामग्री मंगवा पा रहे हैं और न ही मजदूरों का भुगतान कर पा रहे हैं। विधान सभा चुनाव निकट आते ही बुंदेलखंड विकास निधि से गांवों की गलियां चमकाने की तैयारी की गई हैं। इस योजना से 120 स्थानों पर सीसी रोड और नाली निर्माण कराया जाएगा।
इन कार्यों के लिए 10 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कराएगा। तीन करोड़ 94 लाख की लागत से सड़कों पर काम कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई है। 15 नवंबर तक ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गईं हैं। चुनाव को देखते हुए जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराई जानी है। आठ नवंबर की रात से अचानक 500-1000 के नोट चलन से बाहर होने से विकास कार्य प्रभावित हो गए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि मौरंग, गिट्टी, सीमेंट, इंटरलाकिंग आदि मंगाने के लिए छोटे नोट हैं नहीं। इस कारण काम रोका है।
गहरौली क्षेत्र की बैंकों में केवल पुराने नोट ही जमा कराए गए। नई करेंसी या पुराने नोटाें को भी नहीं बदला गया। जिससे ग्रामीण खासा परेशान रहे। लोग रोजमर्रा के खर्च के लिए भी परेशान हैं। गांव की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सुबह आठ बजे से ही भारी भीड़ लग गई थी। जो देर शाम तक रही। यहां पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट तो जमा किए गए।
लेकिन किसी भी खाताधारक को न तो नई करेंसी मिली और न ही 100 व 50 के नोट दिए गए। गांव का पोस्ट आफिस भी दूसरे दिन भी बंद रहा। यहां भी दिन भर लोग चक्कर लगाते देखे गए। उधर, क्षेत्र के इमिलिया गांव के इलाहाबाद बैंक में अफरा-तफरी का माहौल रहा। यहां भी सिर्फ पुराने पांच सौ व हजार के नोट जमा कराए गए। दोनों बैंक के शाखा प्रबंधकों से नई करेंसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास कोई करेंसी नहीं आई है। जब आएगी तो लोगाें को देना शुरू कर दिया जाएगा।
मौदहा में पांच सौ व एक हजार के नोटों को बदलने के लिए बैंकों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। सड़कें जाम हो गईं। हजारों की संख्या में लोग लंबी लाइनें लगाए सड़कों पर खड़े रहे। पुलिस आवागमन सामान्य करने में जुटी रही। वृद्धों व महिलाओं का अलग काउंटर न होने से उन्हें खासी परेशानी हुई। स्टेट बैंक शाखा में पूरे दिन नोटाें को बदलने व जमा करने का कार्य जारी रहा।
वहीं, एचडीएफसी व बैंक ऑफ बड़ौदा में कैश समाप्त होने से नोट नहीं बदले जा सके। एसबीआई के एटीएम व मुख्य शाखा में इस कदर भीड़ रही कि लोग सड़कों पर आ गए। पंजाब नेशनल बैंक में आज भी कैश नहीं आया। देर शाम तक भीड़ कम नहीं हुई। वहीं, पावर कारपोरेशन द्वारा पांच सौ व हजार के नोट जमा करने की छूट देने के कारण यहां बिलो को जमा करने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।