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Hamirpur News: शीशा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला, खुद भगदड़ में उठ न सकीं पार्वती

Wed, 17 Dec 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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फोटो 16 एचएएमपी 24- धौहल गांव में पार्वती की मौत पर रोते बिलखते परिजन। संवाद - फोटो : स्रोत: पुलिस
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हमीरपुर। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में हमीरपुर जनपद के सरीला क्षेत्र के धौहल गांव की पांच बच्चों की मां पार्वती की दर्दनाक मौत हो गई। बस में आग लगते ही मची अफरा-तफरी के बीच पार्वती ने अपनी जान की परवाह किए बिना शीशा तोड़ा और दोनों बच्चों सनी (8) और प्राची (12) को बाहर निकाल दिया। बच्चों को बचाने के दौरान वह फिसलकर गिर पड़ीं। इसी बीच आग से घबराई भीड़ में भगदड़ मच गई और सवारियों के दबाव में वह उठ नहीं सकीं। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पार्वती उसकी चपेट में आ गईं। हादसे के बाद बच्चों ने सुबह करीब चार बजे पिता गोविंद अहिरवार को फोन कर बताया कि पापा, बस में आग लग गई है। मां उसी बस में रह गईं। हम दूसरी बस में हैं। पार्वती अपने पीछे पांच बच्चे छोड़ गई हैं। तीन बड़े बेटे आकाश (22), हिमांशु (20) और पिंटू (18) पहले से दिल्ली में पिता के साथ मजदूरी करते हैं। हादसे के वक्त पार्वती अपने दो छोटे बच्चों सनी और प्राची के साथ बस में थीं।
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मां ने पहले सनी को निकाला, फिर मुझे

मृतिका की बेटी प्राची ने नानी को फोन पर बताया कि बस पहले आगे चल रही गाड़ी से टकराई, फिर दूसरी से भिड़ गई। टक्कर के बाद हमारी बस में आग फैलती चली गई और धुआं भर गया। मां ने शीशा तोड़ा। पहले सनी को बाहर निकाला, फिर मुझे। गेट बंद थे, ड्राइवर मौके से भाग गया था। लोग खिड़कियों से कूदकर जान बचा रहे थे।





फोन पर बच्चों की चीखें सुन बेसुध हुई नानी

घटना की सूचना मिलते ही धौहल गांव में मातम पसर गया। नानी लालती दामाद से फोन पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो पड़ीं। बच्चों ने फोन पर पूरी घटना बताई तो घर में मौजूद लोग खुद को संभाल नहीं सके। मां की सिसकियों के बीच बस यही शब्द सुनाई दे रहे थे मेरी बेटी ने बच्चों को बचा लिया… खुद चली गई।
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बहन की मौत पर मायके आई थी

11 नवंबर को जालौन जनपद के मझवार में प्रसव के दौरान रजनी का निधन हो गया था।

12 नंबर को अपनी छोटी बहन रजनी की मौत की सूचना पर दिल्ली से जालौन आई थी इसके बाद वह मायके धौहल गांव थाना जलालपुर आई थीं। मां लालती के अनुसार पार्वती बार-बार कहती थीं “मन नहीं लगता, जाने का दिल नहीं है, लेकिन यह तीन बच्चे व पति नोएडा में थे बच्चे को बस में का टिकट कटा दिया है इसलिए जाना चाहिए पड़ रहा है। परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए वह बच्चों को लेकर नोएडा लौट रही थीं।


डीएनए से होगी पहचान

हादसे में पार्वती का शव बुरी तरह झुलस गया है। पहचान के लिए बड़े बेटे का डीएनए सैंपल लिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार रिपोर्ट 72 घंटे में आने की संभावना है, इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। धौहल गांव का आंगन आज सन्नाटे में डूबा है। दो बच्चों को बचाने में भीड़ में दबी मां की यह कहानी गांव ही नहीं, पूरे जनपद के लिए ममता, साहस और त्याग की अमिट मिसाल बन गई है।
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