करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित
ठेकेदारों ने खींचे हाथ, 40 हजार प्रति टन से बढ़कर 80 हजार पहुंचे डामर के भाव
फोटो 11 एचएएमपी 14- जर्जर अवस्था में पड़ा राठ-गरौठा मार्ग। संवाद
फोटो 11 एचएएमपी 15- सुदृढ़ीकरण के इंतजार में हमीरपुर-कालपी फोरलेन हाईवे। संवाद
संवाद समाचार एजेंसी
हमीरपुर। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर अब जिले की सड़क परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तारकोल (बिटुमेन) के दामों में दोगुना बढ़ोतरी के कारण जिले में करीब 200 के निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो गए हैं। कई ठेकेदारों ने बढ़ी लागत के चलते काम की गति धीमी कर दी है, जबकि कुछ परियोजनाओं पर कार्य पूरी तरह ठप है। ठेकेदार टेंडर तक डालने से कतरा रहे हैं।
जिले में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जिला पंचायत सहित अन्य एजेंसियों की ओर से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें नई सड़कें, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, पुल-पुलिया निर्माण और विशेष मरम्मत कार्य शामिल हैं।
अधिकांश परियोजनाओं के टेंडर उस समय जारी हुए थे, जब बिटुमेन की कीमतें कम थीं। इसके बाद से कीमत बढ़ने से ठेकेदारों की लागत में भारी इजाफा हो गया है। इसकी वजह से ठेकेदारों ने सड़कों के निर्माण के काम निर्माण की गति धीमी कर दी है। नए वित्तीय वर्ष में निकली निविदाओं के कोई भी ठेकेदार टेंडर तक नहीं डाल रहे हैं। हालांकि शासन ने इसपर संज्ञान लिया है। इधर सड़कें न बनने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीन बार निकले टेंडर, अब तक नहीं बनी सड़क
हमीरपुर-राठ-गरौठा-गुरसहाय होते हुए झांसी राज्य मार्ग 42 के चेनेज 74.550 से 110.360 तक कुल 35.810 किलोमीटर कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दिसंबर 2025 में मिल गई थी। लागत के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 23.32 करोड़ रुपये शासन ने अवमुक्त भी कर दिए थे, लेकिन इसके बाद फिर से इस्टीमेट में बदलाव होने से इसका निर्माण कार्य नहीं हो सका। वहीं, इस सड़क के निर्माण को लेकर मार्च 2026 में फिर से टेंडर निकाले गए, लेकिन तारकोल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए किसी भी ठेकेदार ने इस सड़क के लिए टेंडर ही नहीं डाले। इससे इस सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। वहीं, बीते नौ मई को इसके फिर से 129.60 करोड़ के टेंडर निकाले गए हैं। इसमें 15 माह के अंदर इस सड़क को पूर्ण करना है।
हमीरपुर-कालपी हाईवे के सुदृढ़ीकरण का कार्य अटका
हमीरपुर-कालपी फोरलेन हाईवे का करीब 22 किलोमीटर भाग जनपद सीमा में आता है। इसके सुदृढ़ीकरण का कार्य करीब 14 करोड़ की लागत से होना है। इसके लिए शासन ने पिछले वित्तीय वर्ष में 10 फीसदी धनराशि जारी भी कर दी थी, लेकिन वित्तीय वर्ष का आखिरी माह होने के कारण विभाग को धनराशि सरेंडर करनी पड़ी। इसके बाद शासन ने इसके निर्माण के लिए नए वित्तीय वर्ष में कोई धनराशि ही नहीं जारी की है। इधर कोलतार के दाम अचानक दोगुने बढ़ने से ठेकेदार काम न करने से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि विभाग जल्द ही बजट आने की संभावना जता रहा है।
फोटो 11 एचएएमपी 16- रोहित सिंह चंदेल।
दाम बढ़ने के चलते नहीं डाल रहे टेंडर
तारकोल के दामों में दोगुना की बढ़ोतरी हो गई है। इसके चलते उन्होंने टेंडर डालना बंद कर दिया है। शासन से राहत मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगे।
रोहित सिंह चंदेल, ठेकेदार
फोटो 11 एचएएमपी 17- धर्मेंद्र साहू।
कई बार निकले टेंडर, नहीं बनी सड़क
राठ-गरौठा मार्ग बहुत ही दयनीय स्थिति में है। यहां से राहगीरों का निकलना मुश्किल होता है। कई बार विभाग द्वारा टेंडर निकाले गए, लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण कार्य नहीं हो सका है। - धर्मेंद्र साहू, लुधियातपुरा राठ।
फोटो 11 एचएएमपी 18- सुखदेव सोनी।
कई महीनों से इंतजार, कब शुरू हो सड़क निर्माण
बरसात में इस मार्ग से निकलना मुश्किल हो जाता है। कीचड़ युक्त सड़क होने से कई-कई दिनों तक छात्र विद्यालय नहीं जा पाते हैं। सड़क निर्माण शुरू होने के लिए कई महीनों से इंतजार है। - सुखदेव सोनी, राठ।
वर्जन:
विभाग की करीब चार सड़कों के 16 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। शासन ने हाल ही में आदेश जारी कर बढ़ी हुई बिटुमेन दरों के मूल्य समायोजन की अनुमति दी है। इसके तहत ठेकेदारों को अतिरिक्त लागत का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। ऐसे में रुके हुए कार्य जल्द दोबारा शुरू होंगे।
अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड, हमीरपुर।
वर्जन:
कोलतार के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। इससे ठेकेदारों को काफी नुकसान हो रहा है। विभाग की करीब पांच करोड़ की चार सड़कों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शासन के इस आदेश से ठेकेदारों को कुछ राहत मिली है।
रजनीश, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग।