फोटो 15 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल के मेडिसन ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
हमीरपुर। स्वाइन फ्लू के प्रकोप की आशंका के बीच जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक भीड़ लगी रहती है लेकिन कोई भी मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। रोजाना करीब 700-800 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मंगलवार को तीन मासूमों की एच1 एन1 जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जिला अस्पताल में बीते पांच दिनों में अब तक कुल 12 लोगों की एच1 एन1 की जांच कराई गई है। इनमें दो बच्चे स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं। दोनों को कानपुर के लिए रेफर किया गया है। वहीं अस्पताल में सामाजिक दूरी के नियमों का भी पालन नहीं हो रहा है। मरीजों के साथ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में रोजाना 700-800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से लगभग ढाई से तीन सौ मरीज बुखार, खांसी, जुकाम और वायरल संक्रमण से पीड़ित होते हैं। मंगलवार को ओपीडी में 717 मरीज पहुंचे। इनमें 324 पुरुष, 290 महिला और 102 बालरोगी शामिल रहे।
मेडिसिन विभाग के जनरल फिजिशियन डॉ. परमेंदर प्रजापति ने बताया कि करीब 130 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 50 फीसदी मरीज बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित रहे। एच1 एन1 की कोई जांच नहीं कराई है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष निरंजन ने बताया कि तीन बच्चों की जांच कराई गई। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इमरजेंसी में रात 12 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक कुल 22 मरीज भर्ती किए गए। इनमें आठ मरीज बुखार के हैं।
अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तो बना रखा है लेकिन अभी तक ऐसी स्थिति नहीं आई है। कोई भी ऐसा मरीज नहीं आया है कि जिसकी स्क्रीनिंग की जरूरत पड़े। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क लगाने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. आरएस प्रजापति, सीएमएस जिला अस्पताल।
फोटो 15 एचएएमपी 19- जिला अस्पताल के मेडिसन ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद