मौदहा में शौचालय के खुदे पड़े गड्ढे।
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कसबे में 1772 लोगों ने शौचालय बनाने के आवेदन किए हैं। इसके लिए 17.10 लाख रुपये पहली किस्त मिली। लेकिन सैकड़ों की संख्या में खुदे पड़े गड्ढों में शौचालयों का निर्माण अभी भी नहीं हो सका है। फिलहाल मौरंग निकासी बंद होने से स्वच्छता मिशन पर पानी फिर रहा है।
सरकार सफाई पर विशेष ध्यान दे रही है। कस्बे को ओडीएफ बनाने के प्रयास तेज हैं। शौचालय निर्माण के लिए 1772 लोगों ने आवेदन किए। नगर पालिका के अधिकारियों ने इनमें से 1072 परिवारों को चयनित किया। पात्रों ने मकानों के सामने गड्ढे खोद लिए। शुरुआत में पैसा न आने पर दर्जनों लाभार्थ्यों ने कूड़े करकट से गड्ढोें को ढक दिया। कुछ में तो बच्चे व मवेशी गिरकर घायल हुए। इधर शासन ने 17.10 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की है। इसमें 240 परिवारों को 9.60 लाख रुपये वितरित हुए हैं। समाजसेवी ओमप्रकाश सोनकर वारसी ने कहा कि एक वर्ष से यह अभियान जारी है। लेकिन नालों के अलावा योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है।
एक परिवार को शौचालय के लिए आठ हजार रुपये दिए जा रहे हैं। यह लाभार्थी की सहयोग राशि है। दो किश्तों में दी जा रही है। पहली किश्त में चार हजार रुपये जारी किए हैं। शौचालय बनाने का दवाब है लेकिन लाभार्थी बालू न मिलने का सवाल उठाते हैं।
बीपी यादव, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका