आंधी, पानी से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शनिवार रात आई आंधी से मुख्यालय समेत सुमेरपुर, मौदहा व हिंदुस्तान यूनीलीवर फीडर ठप हो गए। जिससे करीब डेढ़ सौ गांव की बिजली गुल हो गई।
सुमेरपुर फीडर का ब्रेकर फटने से 18 घंटे से आपूर्ति ठप है। बिजली न मिलने से लोगों को पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। उधर, लाइनों के टूटने व पोलों के गिरने से बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
आंधी के साथ बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ हद तक जरूर राहत मिली है। मगर, आंधी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। तेज आंधी से आए दिन फाल्ट हो रहे हैं। कहीं-कहीं पोल व तार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
विद्युत कर्मी एक तरफ लाइनों को दुरुस्त करते हैं तो दूसरी तरफ फिर आंधी आने से लाइन टूट जाती हैं। बीती रात आई आंधी से पावर हाउस के सभी फीडरों से आपूर्ति ठप हो गई। बमुश्किल पौथिया, लघुडाल नहर प्रथम, बिवांर, सिसोलर, टेढ़ा व भरुआ द्वितीय फीडर को चालू किया जा सका।
आंधी के बाद जब सुमेरपुर फीडर चालू करने का प्रयास किया गया, तो उसका ब्रेकर तेज आवाज के साथ फट गया। वहीं, मुख्यालय, कुरारा, मौदहा व हिंदुस्तान यूनी लीवर फीडर से भी फाल्ट के चलते करीब दस घंटे आपूर्ति बाधित रही। जिससे लोगों को पेयजल भी नहीं मिल सका।
मजबूरी में लोगों ने हैंडपंपों से काम चलाया। उधर, सुमेरपुर के ब्रेकर की मरम्मत के लिए उपकरण बांदा पावर हाउस से मंगाए गए। कस्बे को 18 घंटे बाद वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति बहाल की गई है। अवर अभियंता पारेषण अरुण कुमार ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है। आंधी, पानी से आए दिन समस्या उत्पन्न हो रही है।