घटनाओं का खुलासा न कर पाने व जनता के प्रति अच्छा व्यवहार न रखने पर डीआईजी ने एसओ जलालपुर को तबादला चित्रकूट कर दिया है। क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर का भी चित्रकूट तबादला किया गया है।
जलालपुर थानाध्यक्ष स्वामीनाथ पर स्थानीय व क्षेत्र के अन्य लोगों ने एसपी, डीआईजी व अन्य अधिकारियों से शिकायतें की थी। जिसमें उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हटाए जाने की मांग की थी। थानाध्यक्ष मंदिर से सोने के कलश चोरी के मामले को दबाने में जुटे रहे।
अभी तक चोरी की इस घटना का खुलासा नहीं हुआ है। जबकि एक मामले में तत्कालीन राठ कोतवाल एके सिंह को एसपी ने हटाकर पुलिस कार्यालय स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। एसपी एके त्रिपाठी ने बताया कि डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने दोनों इंस्पेक्टरों का चित्रकूट जिले के लिए तबादला कर दिया है। एसपी ने बताया कि सोमवार को दोनों को जिले से कार्यमुक्त कर दिया गया।
पुलिस कर्मियों की कार्यशैली की गोपनीय जांच शुरू
अपराधियों के साथ संलिप्तता होने, गलत कार्यों में सहयोग करने व जनमानस के साथ अच्छा व्यवहार न रखने वाले पुलिस कर्मियों से लेकर थानाध्यक्षों की कार्यशैली की गोपनीय जांच शुरू हो गई है। ऐसे पुलिस कर्मियों की सूची तैयार हो रही है।
पुलिस विभाग में भारी फेरबदल किए जाएंगे। एसपी एके त्रिपाठी ने बताया कि नई सरकार गठन के बाद आए निर्देशों के तहत पुलिस कर्मियों से लेकर थानाध्यक्षों की कार्यशैलियों की गोपनीय स्तर से जांच कराई जा रही है। बताया कि जांच में यह देखा जा रहा है कि कहीं पुलिस कर्मी की किसी अपराधी से साठगांठ तो नहीं है। साथ ही उसका रवैया जनता के प्रति कैसा है। वह गलत कार्यों में सहयोग तो नहीं करता है। बताया कि ऐसे ही नौ अन्य बिंदुओं पर गहनता से जांच कराई जा रही है। एसपी ने बताया कि जल्द ही जांच पूरी होने व सूची तैयार होने के बाद तबादले किए जाएंगे।