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मौलाना डे पर छह हाफिजों की दस्तारबंदी

Sun, 15 Nov 2015 10:49 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला,हमीरपुर।
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कस्बा स्थित मदरसा हलीम मुस्लिम यतीमखाना में मौलाना डे पर छह हाफिजों की दस्तारबंदी की गई। इसका देर रात तक जश्न मनाया गया। जलसे  में जहां मौलानाओं की तकरीरों ने लोगों के दिलों को छू लिया, वहीं मशहूर शायरों के नातिया कलामों पर लोग झूमते रहे।
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कस्बे स्थित हलीम मुस्लिम यतीमखाना मदरसा रहमानियां के संस्थापक हाजी सैय्यद मौलाना सलीम जाफरी की याद में रविवार सुबह कुरआन ख्वानी कर उन्हें सबाब पहुंचाया गया। वहीं शनिवार  रात मदरसे में कुरआन पढ़कर हाफिज हुए छह बच्चों की दस्तारबंदी आवामी इमदाद कमेटी ने की।

जलसे का संचालन मौलाना अताउरर्हमान ने किया। कुरआन पाक की तिलावत हाफिज नसीर शाह ने की। इसके बाद कस्बे के शायरों ने  नात शरीफ पेश की। जबकि भदोही से आए शायरे इस्लाम कामिल ने शानदार नात पेश की। वहीं फिरोजाबाद से आए अल्लामा मौलाना आदम मुस्तफा ने दिलों को झकझोर देने वाली तकदीर की। उन्होनेे अल्लाह और पैगंबरे इस्लाम की मुलाकात, मेराज व नमाज के वाकयात बयान किए। 
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अंबेडकर नगर के निदाय हक दारूल उलूम से आए अल्लामा मौलाना हबीरूरर्हमान ने भी तकरीर की। बहराइच से आए शायर मोहम्मद इशफाक की नात पर खूब वाहवाही की गई। जलसे में पारा रैपुरा निवासी हाफिज मोहम्मद आमिर, फतेहपुर के हाफिज अब्दुल हफीज, गोयरा मुगली के हाफिज महमूब, मोहम्मद अनवार, हाफिज अरबाज व हाफिज अनवार की दस्तारबंदी की गई। दस्तारबंदी के बाद लोगों ने इन्हे मालाओं से लाद दिया। जलसे में कस्बेे और आसपास के लोगों के अलावा दूरदराज से आए लोग भी मौजूद रहे।
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