सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड को भरपूर बिजली देने के शासन के प्रयासों को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। दो दिनों के भीतर बिजली विभाग के आलाधिकारियों ने जिले का दौरा जरूर किया लेकिन स्थिति में सुधार जरा भी नहीं है। मंगलवार को उप्र पावर कारपोरेशन के सीएमडी एपी मिश्र तीसरी बार यहां पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद जून तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया।
सीएम अखिलेश यादव की घोषणा के तहत जिले को 24 घंटे बिजली देना है, लेकिन अधिकारी फर्जी रिपोर्टिंग कर शासन को गुमराह कर रहे हैं। बीते 27 जनवरी को जनपद आगमन पर सपाइयों ने सीएम के सामने पावर कारपोरेशन की पोल खोल दी।
सपाइयों ने सीएम के सामने जब हकीकत रखी तो बिजली विभाग के अधिकारी पसीना-पसीना हो गए। सीएम के कड़े रुख के बाद अधिकारी आए दिन बुंदेलखंड का दौरा कर रहे हैं। लेकिन विद्युत आपूर्ति की प्रगति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
मंगलवार को आए उप्र पावर कारपोरेशन के सीएमडी एपी मिश्रा ने डाक बंगले में जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। इस बीच कहा कि बुंदेलखंड में बिजली आपूर्ति को लेकर सीएम बेहद संजीदा है। इसमें सुधार पर उनका बुंदेलखंड में यह तीसरा दौरा है। इस दौरान जिले के सबस्टेशनों की क्षमता वृद्धि की गई है।
सात नए सबस्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा है। जो मार्च तक तैयार हो जाएंगे। इसी तरह सरीला में निर्माणाधीन 132 केवीए पावर स्टेशन के जून तक तैयार हो जाने पर ममना व खेड़ाशिलाजीत के आठ फीडरों में आ रही लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी।
उन्होंने कहा कि फतेहपुर जिले के मलवां जहानाबाद होते हुए राठ से ममना व खेड़ाशिलाजीत के स्टेशनों की सप्लाई जाती है। इसीलिए लो वोल्टेज की समस्या रहती है। उन्होंने आगामी जून से बिजली समस्या खत्म होने का दावा किया। सीएमडी ने कहा कि ट्रांसमिशन संबंधी गड़बड़ियां दूर करने के लिए डायरेक्टर आरबी पांडेय और वितरण संबंधी कमियों को दूर करने के लिए सीबी राठौर बुंदेलखंड के दौरे पर हैं।