हमीरपुर। अपहरण व हत्या का प्रयास के 13 साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया।
विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट पीके जयंत की अदालत ने दो दोषियों हरिओम सिंह चौहान व बबलू उर्फ स्वराज सिंह को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 10 हजार का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल व सुभाष श्रीवास्तव ने बताया कि कुरारा थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दुबे ने मामला दर्ज कराया था। बताया कि 28 अगस्त 2010 को वह एसओ रामकेवल, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक जेपी चौबे सहित हमराही धर्म सिंह, सियाराम, प्रमोद सिंह, रामकुमार, मइयादीन, श्यामसुंदर सिंह, बृजकिशोर आदि लोगों के साथ अपहृत युवक सूरज सिंह यादव की बरामदगी के लिए रवाना हुए।
बताया कि जैसे ही वह लोग बनवा बाबा मंदिर के पास जंगल में पहुंचे, तभी मुखबिर से सूचना मिली की शंकरपुर से अपहरण किए गए सूरज को तीन बदमाश जंगल में नाले के पास लेकर जा रहे हैं। जिसपर वह पुलिस बल के साथ जंगल में एक किलोमीटर पैदल चलकर बेरी जंगल नाले के पास तीन बदमाश एक व्यक्ति को पकड़कर खींचते हुए ले जाते दिखाई दिए। जब उन लोगों को ललकारा और सरेंडर करने को कहा तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी 11 राउंड फायरिंग की।
पुलिस से घिरा देख तीनों बदमाश अपहरणकर्ता को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठा मौके से भाग निकले। वहीं, अपह्रत से पूछने पर अपना नाम सूरज यादव बताया और कहा कि तीनों बदमाश पारा शंकरपुर निवासी हरिओम सिंह चौहान, बबलू उर्फ स्वराज सिंह, कंडौरा निवासी गोविंद सिंह उसकी हत्या करना चाहते है।
बताया कि इन्हीं लोगों ने 20 अगस्त 2010 को रात करीब साढ़े आठ बजे शिवनरायन कोरी के घर के पास से उसका अपहरण कर ले गए थे। पुलिस ने अपहरण, हत्या का प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मामले में आरोपी गोविंद सिंह की मुकदमा के दौरान मौत हो गई। हरिओम सिंह चौहान व बबलू उर्फ स्वराज सिंह को अदालत ने सजा सुनाई है।