फोटो 17 एचएएमपी 25- राठ के कुर्रा गांव में हर्बल साबुन तैयार करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत- स्वय
हमीरपुर। आजीविका मिशन अंतर्गत विकासखंड राठ के कुर्रा गांव निवासी जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिला रंजना ने हर्बल साबुन बनाने की यूनिट स्थापित की है। इस यूनिट के जरिए वह गांव की पांच महिलाओं को रोजगार दे रही है। रोजाना 1,000 साबुन तैयार कर हर माह करीब छह लाख की बिक्री कर रही हैं।
जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिला रंजना ने बताया कि बीते तीन सालों से प्लानिंग करते-करते अब जाकर सफलता मिली है। डीआरपी राहुल का टेक्नीशियन सपोर्ट मिला और गूगल से रिसर्च कर अहमदाबाद की दो-तीन फर्मों से भी प्रशिक्षण लिया है।
इसके बाद समूह के सीआईएफ फंड से 35 हजार की मदद लेकर बीते जनवरी माह में यूनिट स्थापित कर हर्बल साबुन बनाने का काम शुरू किया है। इस कार्य में उन्होंने गांव की चार और महिलाओं कृष्णकांति, पार्वती, सीता और लक्ष्मी को रोजगार दिया है। साथ ही अपने बच्चों को निजी स्कूल में दाखिला कराकर अच्छी शिक्षा दे रही हैं। पति परदेश में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं।
100 फीसदी नेचुरल है साबुन: रंजना कहती हैं कि यह साबुन 100 फीसदी नेचुरल है। इसमें कोई भी ऐसा रसायन प्रयोग नहीं किया जाता जो स्किन व आंख में नुकसान पहुंचाए।
नीम, एलोवेरा, गुलाब जल सहित अन्य औषधियों कि मिश्रण से इसे तैयार किया जाता है। कहती हैं कि रोजाना करीब एक साबुन तैयार हो जाती हैं। बाजार में इनकी 20 से 22 हजार कीमत है। इनमें 50 ग्राम व 100 ग्राम की साबुन तैयार की जाती है। दोनों के क्रमश: 15 व 25 रुपये रेट निर्धारित हैं। अभी यहीं लोकल बाजारों में ही इसकी बिक्री हो जाती है। फंड मिले तो काम को बृहद स्तर पर किया जाए।
फोटो 17 एचएएमपी 25- राठ के कुर्रा गांव में हर्बल साबुन तैयार करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत- स्वय