हमीरपुर। घर से बाहर चाय पीने को निकले दुकानदार को कानपुर-सागर हाईवे पर पाराओझी मोड़ के पास अनियंत्रित स्कार्पियो ने कुचल दिया। वाहन में फंसा दुकानदार करीब 40 मीटर तक घिसटता चला गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौदहा की ओर भाग निकला। घटना से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने शव को करीब चार घंटे तक नहीं उठाने दिया। इस पर पुलिस उन्हें समझाने के साथ हाईवे पर वाहनों को नियंत्रित कर निकालती रही। उधर, दुकानदार के बड़े पुत्र के आने पर पुलिस शव को अपने कब्जे में ले सकी। कोतवाल ने बताया कि अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चेयरमैन कुलदीप निषाद ने बताया कि ब्रेकर बनवाने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी से मोबाइल पर बात की, जिस पर उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है।
स्थानीय कोतवाली के कुछेछा निवासी अनुदेश वर्मा ने बताया कि पिता रामप्रताप उर्फ बागड़ (58) शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे घर से बाहर होटल में चाय पीने निकले थे। तभी हाईवे पर पाराओझी मोड़ के पास मौदहा की ओर जा रही अनियंत्रित स्कार्पियो चालक ने टक्कर मार दी। जिससे उसके पिता वाहन में फंस गए, फिर भी चालक ने वाहन नहीं रोका और भगाकर ले गया, जिससे उसके पिता करीब 40 मीटर दूर तक घिसटते गए और उनकी मौत हो गई। चालक वाहन को मौदहा की ओर भग निकला। इससे नाराज परिजनों ने ग्रामीणों के साथ शव को पाराओझी मोड़ के पास हाईवे किनारे रख हंगामा शुरू कर दिया, जिससे हाईवे का एक लेन बंद हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने वाहनों को नियंत्रित कर एक लेन से ही आवागमन कराया।
मौके पर पहुंचे सीओ अनुराग सिंह, कोतवाल केपी सिंह व नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माने। परिजनों ने कहा कि बड़े पुत्र संतोष के आने पर शव उठाने देंगे। करीब चार घंटे बाद संतोष के आने पर पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। सीओ ने हाईवे पर ब्रेकर बनवाने व फरार चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। रामप्रताप फल, सब्जी व मूंगफली ठेलिया लगाता था। उसके तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। एक पुत्री की शादी हो चुकी है। दो पुत्र संतोष व अनुदेश ट्रक चालक है।