चिकित्सकों की समस्याएं सुनते अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.राकेश रमन।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राठ में शुक्रवार को चार डाक्टरों के सामूहिक इस्तीफे को अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.राकेश रमन ने गंभीरता से लिया। अपर निदेशक ने अस्पताल पहुंच चिकित्सकों से वार्ता कर एक्शन लिया। उन्होंने बीते दो माह के अंदर हुए चिकित्सकों और स्टाफ के स्थानांतरणों पर रोक लगा दी। उन्होंने नाराज चिकित्सकों को तबादला रोकने संबंधी आदेश की प्रति मौैके पर ही थमा दी। कहा कि वह अभी से काम करना शुरू कर दें।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा.आरके कटियार की तानाशाही और चिकित्सकों के ऊपर अनर्गल आरोप तथा मानसिक उत्पीड़न करने का मामला पिछले कई दिनों से चल रहा है। इस मामले में रविवार को अधीक्षक ने चिकित्सकों को गैरहाजिर होने का आरोप लगाकर उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थित दर्शा दिया था।
तब चिकित्सकों ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर एसडीएम को जानकारी दी। उधर अधीक्षक ने सीएमओ को चिकित्सकों के कार्य में लापरवाही व अनुपस्थित होने का आरोप लगा रिपोर्ट भेज दी। सीएमओ डा.श्रीराम सोनी ने चिकित्सक डा. मानसिंह राजपूत, डा. मेहनाज सिद्दीकी, डा.अमित वर्मा और महिला स्टाफ नर्स नाजिरा का स्थानांतरण कर दिया।
सीएमओ की इस तानाशाही को लेकर बीते शुक्रवार को चिकित्सक डा.महेंद्र वर्मा, डा.अमित वर्मा, डा.मानसिंह राजपूत और डा.रवि प्रताप ने सामूहिक रूप से इस्तीफा लिखकर अधीक्षक को सौंप दिया। शनिवार को अपर स्वास्थ्य निदेशक डा.राकेश रमन अस्पताल पहुंच गए। अपर निदेशक ने उत्पीड़न का शिकार हुए चिकित्सकों से वार्ता की।
फिर अपर निदेशक ने सीएमओ द्वारा पिछले दो महीनों में किए गए चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी। उन्होंने अस्पताल से स्थानांतरित चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से पत्र देकर कहा कि वह कार्य शुरू करें।
अपर निदेशक ने बताया कि डाक्टरों ने अधीक्षक डा.आरके कटियार और सीएमओ के ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं उनकी वह जांच कराएंगे। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसी भी हालत में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।