फोटो 11 एचएएमपी 22- अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
मौदहा (हमीरपुर)। ग्राम गऊघाट छानी के मजरा परसदवा डेरा वासियों का छानी-भुलसी मार्ग निर्माण की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन व क्रमिक अनशन रविवार को समाप्त हो गया। उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह और सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति द्वारा बरसात से पूर्व सड़क निर्माण का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस आवाज को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
परसदवा वासी लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे थे। पिछले वर्ष भी उन्होंने धरना दिया था, लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हो गया था। बरसात में एक प्रसूता को बैलगाड़ी में ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन समय रहते निर्माण कार्य शुरू न होने से आक्रोशित होकर 6 दिसंबर से धरना व क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। इस आंदोलन में बच्चे-महिलाएं समेत सभी डेरा वासी शामिल हुए थे, जिन्होंने अपने जरूरी काम छोड़कर इस मांग का समर्थन किया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप
धरना स्थल पर बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के जनप्रतिनिधि भी पहुंचे और उन्होंने अनशनकारियों की मांग को जायज ठहराया। प्रशासन ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। रविवार को उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया। विधायक ने फोन पर बरसात से पहले सड़क निर्माण का वादा किया, जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए। उपजिलाधिकारी ने अनशनकारियों को लड्डू खिलाकर अनशन तुड़वाया। इसके बाद दोपहर में पूर्व सपा प्रत्याशी रामप्रकाश प्रजापति ने 100 से अधिक कंबल ग्रामीणों को वितरित किए।