मौदहा में मंडी की बंद पड़ी दुकान में रखे अभिलेखों को जांचती नारकोटिक्स की टीम
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कस्बे में कृषि उत्पादन मंडी समिति में शनिवार सुबह नीली बत्ती की गाड़ियाें के साथ सादे कपड़ाें में एसटीएफ टीम के साथ साथ नारकोटिक्स के अधिकारियों को देख हड़कंप मचा रहा। टीम मंडी स्थित पांच नंबर दुकान में पहुंची। वहीं अवैध रूप से जमा की गई ड्रग की सूचना पर नारकोटिक्सटीम जांच पड़ताल की। दो वर्ष से बंद इस दुकान में जमीन पर पड़े अभिलेखों की जांच की।
लेकिन मौके पर मिली सामग्री को नारकोटिक्सटीम ने सामान्य पदार्थ बताया। साथ ही इसकी विस्तृत जांच जारी रखने की बात कही है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति की दुकान नंबर सात कस्बा निवासी रज्जन लाल शिवहरे के नाम है। दुकानदार बीते दो वर्ष से गल्ले का कारोबार बंद किए है जिससे दुकान बंद पड़ी है। दुकान के दरवाजे पर ताला लगा था। जबकि खिड़की का एक शीशा टूटा मिला। इससे अनुमान लगाया गया कि यहीं से अंदर अफीम या अवैध ड्रग के बंडल फेंके गए हैं। गोपनीय सूचना पर आई नारकोटिक्स टीम ने संबंधित व्यापारी को साथ लेकर दुकान का ताला खुलवाया और पड़ी सामग्री निकाली। मौके पर ही जांच पड़ताल में पाए गए पदार्थ का केमिकल परीक्षण किया। जिसमें गुड़ जैसा पदार्थ मिला। साथ ही कुछ लिखित कागज मिले।
इनमें इसकी मात्रा लिखी पाई गई। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां भी मौजूद रहे। नारकोटिक्सटीम के सुप्रीटेडेंट मोहम्मद नबाब ने बताया कि जांच में अभी कोई ऐसी चीज नहीं मिली है। उधर दुकानदार रज्जनलाल ने बताया कि उससे नाराज लोगों ने गलत फंसाने के मकसद से यह कार्य कराया है। जबकि न तो यहां कोई व्यापार करता है और न इस दुकान में उसका आना जाना है। मौके पर की गई केमिकल जांच में फिलहाल किसी ड्रग व अफीम या किसी अवैध पदार्थ की पुष्टि नहीं हो सकी है। नारकोटिक्सटीम को अवैध ड्रग या अफीम होने की सूचना दी गई थी। अब यह टीम इसकी विस्तृत जांचकर ही मामले का पूरा खुलासा कर सकेगी।