आपदा राहत राशि घोटाले के मामले में जांच कर रही पुलिस ने हिरासत में लिए गए लेखपाल के एक गुर्गे को जेल भेजा है तथा पूछताछ के लिए पांच और को लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से घोटालेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
वर्ष 2015-16 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को मुआवजा देने के लिए तहसील क्षेत्र में 42.27 करोड़ की धनराशि शासन ने आवंटित की थी। यह धनराशि किसानों को तो नसीब नहीं हो सकी। लेकिन लेखपाल व उनके गुर्गों की चंादी हो गई। तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसान आज भी चेक के लिए भटक रहे हैं। राहत राशि के वितरण में भारी धंाधली की गई है।
लोगों का कहना है कि तहसील क्षेत्र के 95 फीसदी गांवों में यह घोटाला हुआ है। जो अब उजागर हो रहा है। घोटाले के आरोप में चार लेखपालों के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन डकारने के मामले में पुलिस ने बैंकाें व तहसील में जाकर इससे जुड़े अभिलेख खंगालने शुरू कर दिए हैं। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कस्बे के गुरदेव मोहाल निवासी जय हिंद यादव को हिरासत में लिया था। हालांकि पुलिस उसे ममना रोड़ पर बनी कांशीराम कालोनी के पास से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
आरोपी जय हिंद द्वारा ममना गांव की आठ फर्जी चेक तैयार कर धन निकालना उजागर हुआ है। इसके अलावा और चेकों के माध्यम से डकारी गई धनराशि उजागर होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कस्बे के पांच और लोगों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि पुलिस यह जानकारी देने से इंकार कर रही है। पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से घोटालेबाजों में हड़कंप मचा है। अब तक जो 52 लाख का घोटाला उजागर हुआ है।
वह 313 चेकों के माध्यम से किया गया है। मामले की जांच कर रहे चौकी प्रभारी आरडी यादव ने बताया कि आरोपी जय हिंद ने ममना गांव निवासी बनकर खुद के नाम चार व पत्नी प्रमोद कुमारी के नाम दो तथा भाभी रेखा के नाम एक तथा अन्य एक महिला भागवती के नाम फर्जी दो चेक ममना गांव के लेखपाल से बनवाकर प्राकृतिक आपदा की राहत राशि हजम की है। सभी चेक 18-18 हजार रुपये की हैं। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जांच के लिए बनी सात सदस्यीय समिति
प्राकृतिक आपदा में अब तक 52 लाख का घोटाला उजागर होने पर प्रशासनिक अफसर सकते में हैं। मामले की जांच की जा रही है। इस घोटाले में अभी और लेखपालों के शामिल होने की पूरी संभावना बनी है। एसडीएम रामसुरेश वर्मा ने बताया कि मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश के बाद सात सदस्यीय समिति बनाई गई है। जिसके वह अध्यक्ष है। समिति में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो सहित अन्य राजस्व कर्मी शामिल हैं।
कैश चेकों का धन वापस करने को तहसील के लगा रहे चक्कर
घोटाले की जांच में तेजी आने पर कस्बे सहित क्षेत्र भर में हड़कंप मचा है। लेखपाल व उनके गुर्गों से फर्जी चेक हासिल करने वाले खुद को पाक साफ बताकर चेक का धन वापस जमा करने के लिए तहसील व पुलिस के चक्कर काटने लगे हैं। जांच अधिकारी आरडी यादव ने बताया कि अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों ने उनसे संपर्क करके बताया है कि अंजाने में उन्हें चेक देकर कैश कराई गई हैं और उसकी रकम लेखपाल व उनके गुर्गों ने ली है।