हमीरपुर/भरुआ सुमेरपुर/कुरारा/गहरौली। तेज हवाओं के साथ शुक्रवार शाम से शुरू हुई रुक-रुककर बारिश ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बारिश का सिलसिला शनिवार को भी रुक रुककर जारी रहा। बारिश से कटी पड़ी फसलों को जहां नुकसान पहुंचा है।
वहीं, तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। फरवरी में कहर बरपाने के बाद मार्च में भी कुदरत का कहर जारी है। शनिवार शाम तक कुल 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।
शुक्रवार देर शाम मौसम ने अचानक पलटी मारी और तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश शुरू हो गई। बारिश से कटी पड़ी मटर, मसूर, सरसों की फसल खराब होने की आशंका से किसान सहम गए हैं। साथ ही बारिश से फसलों की कटाई का कार्य ठप हो गया है। भरुआ सुमेरपुर संवाद के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई बारिश ने परीक्षा देने जा परीक्षार्थियों को परेशान कर दिया। परीक्षार्थी ई-रिक्शा व छाता का सहारा लेकर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
वहीं, किसान शिवबहादुर सिंह, सुरेश कुमार, देवीदीन, राजू यादव, राजकुमार ने बताया कि तेज हवाओं के चलने से गेहूं की फसल गिर गई है। इससे पैदावार में असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है। कुदरत के इस कहर से किसान सहम उठा है। किसानों ने कहा कि इस बारिश से किसी तरह का फायदा नहीं बल्कि नुकसान होने की आशंका है। कुरारा संवाद के अनुसार, क्षेत्र में दो दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से किसानों की हालत खराब होती जा रही है। कुछ किसान गीला मटर हार्वेस्टर से कतरा कर आनन फानन घर में लाकर सुखाने में लगे हुए हैं। कई किसानों का मटर कटा खेत में पड़ा है। जिसके भीगने से किसान परेशान नजर आ रहे हैं। बीती 20 फरवरी को ओलावृष्टि होने से किसान की फसलों का काफी नुकसान हुआ था। बची खुची कसर बेमौसम बरसात ने पूरी कर दी।
गहरौली संवाद के अनुसार, दो दिन से अचानक मौसम परिवर्तन के कारण तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों के चेहरों की रंगत उड़ा दी है। किसान सुबह से ही खेतों में पड़ी फसल को लेकर परेशान हैं। शुक्रवार देर शाम आई आंधी व बारिश के चलते सारी रात बिजली गायब रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई। वहीं, मौदहा और सरीला क्षेत्र में भी फसलों को नुकसान हुआ है।