महोबा। जिले में बेमौसम बारिश और आंधी से गेहूं, चना, मटर की फसलें बर्बाद हो गईं हैं। शनिवार को विभिन्न गांवों के किसानों ने तहसील पहुंच खराब फसलों के साथ प्रदर्शन किया। बाद में सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर खेतों का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत के नेतृत्व में किसान बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई चना, मटर की खराब फसल के साथ तहसील पहुंचे। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। मुख्य विकास अधिकारी चित्रसेन सिंह को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ब्लॉक कबरई के मामना, किड़ारी, छिकहरा, बिलवई समेत विभिन्न गांवों में शुक्रवार की रात आंधी के साथ बारिश होने से गेहूं, चना, मटर की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हुई है।
आरोप लगाया कि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फाेन करने पर जवाब दिया जाता है कि आपके खेत में गेहूं की फसल दिखाई दे रही है, जो गलत है, जबकि वहां चना और मटर बोया गया है। उन्होंने संबंधित लेखपालों व राजस्वकर्मियों को भेजकर फसलों का स्थलीय सर्वे कराकर शासन से राहत दिलाए जाने की मांग की है। प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में चंद्रभूषण, दयाशंकर, अच्छेलाल, श्यामलाल, नवल किशोर, गुलाब सिंह, धनीराम, देवीचरन, शिवकुमार, छक्कीलाल सोनी, चंद्रभान आदि मौजूद रहे।
कुलपहाड़। अधिक बारिश से रबी सीजन की फसल के नुकसान का स्थलीय सर्वे कराने की मांग को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंच लेखपालों पर सर्वे में मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला मोर्चा की अध्यक्ष किरण पाठक के नेतृत्व में किसानों ने एडीएम रामप्रकाश को सौंपे ज्ञापन में बताया कि शुक्रवार की रात बारिश ने कसर पूरी कर दी। खेतों में मड़ाई के लिए रखी फसलें सड़ने लगी हैं। इतना ही नहीं कई लेखपाल घर बैठकर मनमानी रिपोर्ट लगा रहे हैं, जिससे किसानों में रोष है। चेतावनी दी कि लेखपालों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो एक सप्ताह बाद बुंदेलखंड किसान यूनियन आंदोलन को मजबूर होगा। इस मौके पर देवीदीन राजपूत, सुशील खेवरिया, राजेंद्र पटेल, राजबहादुर, अरुण पाठक, राजेंद्र सिंह, संतराम पटेल, मुकुंदीलाल, मोहन अहिरवार आदि मौजूद रहे।