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Hamirpur News: सवा लाख हेक्टेयर में दलहनी व तिलहनी फसलें बर्बाद

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फोटो 01 एचएएमपी 32- पौथिया गांव के तिल के खेतों में भरा पानी व सड़ने की कगार में फसल। संवाद
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हमीरपुर। बाढ़ व बारिश से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। खरीफ सीजन में बोई करीब सवा लाख हेक्टेयर दलहनी व तिलहनी फसलें नष्ट होने की संभावना है। सबसे अधिक नुकसान तिल, मूंग, उड़द और मूंगफली फसलों का हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार बीते एक माह में 710 मिलीमीटर बारिश जिले भर में रिकॉर्ड की गई है जबकि जुलाई माह में 331 एमएम बारिश हुई थी।
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जिले में करीब सवा दो लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें किसानों ने बोई हैं। इनमें लगभग सवा लाख हेक्टेयर में तिलहनी फसलें, 50 हजार हेक्टेयर में दलहनी व शेष में धान्य फसलें बोई गई हैं। सबसे अधिक करीब एक लाख हेक्टेयर में बोई तिल की फसलों में अधिक नुकसान हुआ है। मूंग, उड़द और मूंगफली की फसलें प्रभावित हुई हैं। हालांकि अभी तक कृषि विभाग जिले की आच्छादन रिपोर्ट तैयार नहीं कर सका है। अनुमानित आंकड़ों से ही काम चलाया जा रहा है।
कुरारा संवाद के अनुसार, क्षेत्र में करीब 1,500 हेक्टेयर में तिल की फसलें हैं। बीते 15 दिनों से बारिश होने के कारण क्षेत्र के कुरारा, भैंसापाली, सरसई, डामर, जखेला, चकोठी, जल्ला, बैजेइसलामपुर, रिठारी, कुतुबपुर, बेरी सहित अन्य गांवों में तिल की फसलें पूरी तरह से पानी में जलमग्न होकर सड़ गई हैं। पौथिया संवाद के अनुसार, सुमेरपुर क्षेत्र के पौथिया, उजनेड़ी, शिकरी, सहुरापुर, महमूदपुर, कीरतपुर, ललपुरा, कलौलीजार, स्वासा आदि गांवों में तिल की फसलें नष्ट होने की कगार में हैं।
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सबसे अधिक राठ तहसील में बारिश
बीते अगस्त माह में सबसे अधिक बारिश राठ तहसील में 1290 एमएम दर्ज की गई है। वहीं मौदहा में 473 एमएम और सदर तहसील में 369 एमएम बारिश हुई है। जिले भर में औसतन कुल 710.66 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि जुलाई माह में सदर तहसील में 160 एमएम, मौदहा 392 एमएम और राठ में 442 एमएम बारिश हुई थी। औसतन कुल 331.33 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।

क्षेत्र में करीब 1500 हेक्टेयर में तिल की फसलें बोई गई हैं। इनका सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही क्षति का सही आकलन हो सकेगा। - सुरेश कुमार, राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी कुरारा।
जिले में लगभग सवा दो लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें बोई गई हैं। इनमें सबसे अधिक तिल की फसलों का नुकसान होने का अनुमान है। सभी 330 ग्राम पंचायतों में कृषि व राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का सर्वे करने में जुटी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी।
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