महिला अस्पताल में एंबुलेंस में लेटे जच्चा बच्चा।
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सदर महिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक की संवेदनहीनता के चलते प्रसव पीड़ा से छटपटा रही गर्भवती महिला ने एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। वहीं बच्चा पैदा होने के बाद अस्पताल प्रशासन जच्चा व बच्चा को भर्ती करने के प्रयास में लगा रहा।
जानकारी के मुताबिक सुमेरपुर विकासखंड के पत्योरा गांव निवासी मुलायम सिंह उर्फ गुड्डू की पत्नी सुनैना को सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजन उसे सदर महिला अस्पताल सुबह 10:30 बजे के आसपास लेकर पहुंचे, जहां उसकी जांचें कराई गईं।
सुनैना की मां प्रेमलता ने बताया कि उसकी बेटी के चार प्रतिशत हीमोग्लोबिन निकला। रिपोर्ट देखते ही चिकित्सक आशा सचान ने उसे अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया। प्रेमलता ने बताया कि उसका दामाद मजदूरी करता है और उसका पति जेल में बंद है।
ऐसे में बाहर ले जाना मुश्किल है। उन्होंने चिकित्सक से अनुनय विनय की मगर वह भर्ती करने को कतई तैयार नहीं हुई। तभी सुनैना को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस से उसे कानपुर ले जाने कीे तैयारी की जा रही थी कि बच्चे का सिर बाहर निकल आया। इस पर वह फिर वापस अस्पताल पहुंची और चिकित्सक से मदद के लिए गिड़गिड़ाई मगर वह जरा भी नहीं पिघली और न ही कोई स्टाफ वहंा आया।
हिम्मत कर उसने सुनैना का प्रसव कराया। बच्ची के जन्म लेने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन उन्हें भर्ती करने को जोर देने लगा। जिस पर जच्चा ने स्वयं अस्पताल में भर्ती न होने की बात कही। समाचार लिखे जाने तक जच्चा बच्चा अस्पताल के बरामदे में मौजूद थे। स्टाफ उन्हें मनाने में लगा था।
महिला अस्पताल के सीएमएस डा. राजकुमार सचान ने बताया कि सुबह 11 बजे महिला को रेफर कर दिया गया था। मगर पता नहीं कहां बने रहे और अचानक एंबुलेंस में बच्चे को लेकर आ गए। हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उसे रेफर किया गया था। वापस आने पर उन्हें भर्ती करने को कहा मगर अब उनकी मर्जी।