हमीरपुर। मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी नोटिस सुनवाई इन दिनों नो-मैपिंग के मतदाताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। नाम संशोधन, स्थानांतरण और आपत्तियों से जुड़े मामलों में भी मतदाताओं को बार-बार तहसील और निर्वाचन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सोमवार को भी कई लोग परिवार के साथ तहसील पहुंचे। दोबारा बुलाए जाने के बाद भी जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं कर पाए। दूसरी तरफ बीएलओ भी हलकान है।
नोटिस मिलने के बाद शहर के कांशीराम कॉलोनी निवासी उर्मिला देवी अपनी बेटी के साथ तहसील पहुंची। इनके घर में चार वोट है। स्वयं के अलावा पति संतोष कुमार, दो बेटा कुलदीप व संदीप का नाम मतदाता सूची में है। चारों ही नो-मैपिंग की श्रेणी में है। नोटिस के बाद कागजात जुटाने में परेशान है। पति व बच्चे काम धंधा करने चले जाते है और उर्मिला तहसील के चक्कर लगा रही है। इसी प्रकार बंगाली मुहाल निवासी गुड्डो अपने बेटे के साथ पहुंची। इनके पास भी मायके के कागजात पूरे नहीं है। दोबारा आई फिर कागजात अधूरे रह गए।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग आधार, निवास प्रमाण, जन्मतिथि प्रमाण और पारिवारिक विवरण से जुड़े कागजात लेकर पहुंच रहे, लेकिन छोटी-छोटी कमियों के कारण उन्हें वापस भेज दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उधर, बीएलओ भी बढ़ते दबाव से परेशान हैं। एक बीएलओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक-एक दिन में दर्जनों फाइलों की जांच, मौके पर सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है।