सुमेरपुर पीएचसी में लगी मरीजों की भीड़।
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मौसम में हो रहे बदलाव के कारण बीमारियों का दौर नहीं थम रहा है। अस्पताल खुलते ही सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टराें के अभाव में मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। इसी से नाराज मरीजों ने सोमवार को अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की बेहद कमी है। छोटे से कमरे में ओपीडी चलाने से मरीजों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल में सिर्फ एक एमबीबीएस डा. अमित सिंह व एक आयुष चिकित्सक डा. परवेज कादिरी तैनात है। डा.अमित सिंह ने चिकित्सा प्रभारी का पद भी संभाल रखा है। इससे उन्हें मरीजों को देखने का समय नहीं मिल पाता है। इसके अलावा मौहर में डा.तरूण पाल तैनात हैं। परवेज कादिरी की छुट्टी पर जाने पर सोमवार को डा.तरूण पाल अकेले मरीजों का उपचार कर रहे थे। करीब पांच सौ की संख्या में मरीज अस्पताल में मौजूद थे। जिस पर काफी लंबा इंतजार करने के कारण मरीजों का गुस्सा बढ़ गया। इलाज कराने आए मैयादीन, कालीचरण, रामाधीन, रानी, गुड़िया, आरती, रामबालक, यशोदा, कुंती, मयंक कुमार आदि ने बताया कि वे घंटों से इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनका नंबर नहीं आया। इसी बात को लेकर मरीज हंगामा काटने लगे। स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी समस्याओं को बताते हुए उन्हें शांत कराया। इसके बाद स्कूलों में छात्रों की जांच करने वाले डा. नीमराज को भी ओपीडी में मरीज देखने के लिए बुलाया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी अमित सिंह ने बताया कि तीन डाक्टर तैनात हैं। डा. परवेज कादिरी अवकाश पर है। इसलिए उनके स्थान पर तरूण पाल व मरीजों की संख्या अधिक होने पर डा.नीमराज को भी लगाया गया। उन्होंने बताया कि मरीजों के अनुसार इस अस्पताल के सीएचसी स्तर का होना चाहिए।