हमीरपुर। यमुना और बेतवा नदियों का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं। कुंडौरा गांव के पास कानपुर-सागर हाईवे के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है। भारी वाहनों का ठप है। बसों, छोटे चार पहिया, तीन पहिया और दोपहिया वाहन ही मुख्यालय की तरफ आ-जा रहे हैं। राहत शिविरों व हाईवे किनारे तिरपाल डालकर रह रहे लोगों को प्रशासन और स्वयं सेवी संगठनों ने भोजन आदि की व्यवस्था कराई। मवेशियों के लिए भूसा भी दिया गया। शिविरों में ठहरे बच्चों को पठन पाठन भी कराया जा रहा है।
बेतवा नदी का जलस्तर शनिवार को 15 सेंटीमीटर और यमुना का पांच सेंमी कम हुआ है। शुक्रवार को धौलपुर बांध व माताटीला से 23.79 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। ये पानी 48 घंटे के बाद जनपद सीमा में पहुंचने का अनुमान है। इससे जलस्तर फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार शाम चार बजे यमुना 107.430 मीटर और बेतवा का 106.740 मीटर पर था। बाढ़ प्रभावित तीन हजार लोगों को प्रशासन ने राहत शिविरों में ठहराया है। करीब दो हजार लोग सरकारी भवनों और हाईवे किनारे तिरपाल डालकर रह रहे हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को भी नावों के जरिये भोजन पहुंचाया जा रहा है।
87 बच्चों को शिविरों में ही दी जा रही शिक्षा
हमीरपुर। बाढ़ प्रभवित क्षेत्र के 20 परिषदीय स्कूल बंद करा दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने राहत शिविरों में ठहरे बच्चों के लिए पठन पाठन का इंतजाम कराया है। राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय कुछेछा में बने शिविर में 75 बच्चे, महर्षि विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 42 और बृजराज नर्सिंग कॉलेज बैठकाधाम कीरतपुर में 70 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। डीएम डा.चंद्रभूषण व एसपी शुभम पटेल ने शनिवार को निरीक्षण भी किया। (संवाद)
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24 से अधिक घर बाढ़ में बहे
पक्का घर यमुना नदी की कटान में ध्वस्त हो गया है। अब तो सिर ढकने की भी जगह नहीं बची है। बताया कि मोहल्ले के करीब दो दर्जन मकान बाढ़ में बह चुके हैं। बृजेश, धर्मेंद्र, रामपाल, राजेश, राजू, सुरेंद्र, रामफल, रामखिलावन, अमित वर्मा, जीत कमल, श्रीराम आदि के मकान जलभराव व कटान में ढह गए हैं।
घरों में फंसे सात लोगों को बचाव टीमों ने निकाला
हमीरपुर। जौहरिया डेरा की पुसिया देवी का घर बाढ़ के पानी में घिर गया है। पुसिया तीन दिन से घर में कैद थीं। एनडीआरएफ की टीम को देख कर उन्हें शोर मचाया। टीम ने उन्हें निकाला। पुसिया ने बताया कि दोनों बेटे सूरत में हैं और बहएूं राहत शिविरों में चली गई हैं। सामान की रखवाली के कारण घर में रुकी थीं। केसरिया का डेरा में एनडीआरएफ व पीएसी के जवानों ने रामकुमार के घर में फंसे दो रिश्तेदारों मौदहा निवासी जयकरन व पडुई निवासी सूरज को निकालकर राहत कैंप पहुंचाया। अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल की अगुवाई में इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव ने केसरिया के डेरा से चार बाढ़ पीड़ितों को बाहर निकाला गया।(संवाद)
डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
डीएम डॉ.चंद्रभूषण ने शनिवार सुबह बाढ़ का जायजा लिया और चौरा देवी मैदान पहुंच बाढ़ प्रभावितों का हाल जाना। खड़े होकर पशुओं के लिए भूसा भी बंटवाया। राठ रोड एवं कुछेछा राहत स्थलों का मुआयना भी किया। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को भ्रमण के निर्देश दिए। किसी भी असुविधा के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 05282-222365, 222330 का नंबर जारी कराया गया है। डिप्टी कलक्टर राजेश कुमार मिश्रा, चेयरमैन कुलदीप निषाद मौजूद रहे।
कुछेछा राहत शिविर में रोटी सेंकते हलवाई। संवाद- फोटो : HAMIRPUR
शहर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क के पास हाईवे किनारे बाढ़ के पानी से घिरी टीचर्स कॉलोनी। फोटो हरिआम ध- फोटो : HAMIRPUR
शहर के चौरा देवी मैदान में बाढ़ पीडितों के मवेशियों को भूसा वितरित करते डीएम डा. चंद्रभूषण। संवाद- फोटो : HAMIRPUR