हमीरपुर/मुस्करा। इस साल हुई बेमौसम बारिश ने किसानों पर जमकर कहर बरपाया है। अधिक बारिश के चलते खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। धान, मूंगफली के दाने काले पड़ गए हैं। ज्वार व बाजरा भी बारिश की भेंट चढ़ गया है।
यही कारण है कि अब तक जिले में खुले सरकारी खरीद केंद्रों पर सुमेरपुर व मुस्करा मंडी में मात्र नौ किसानों से 48.28 मैट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। इसके अलावा कुरारा, गोहांड व राठ मंडियों में 35 किसानों ने 156.85 एमटी ज्वार बेची है, जबकि बाजरा खरीद अभी शून्य है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 585 किसानों ने ज्वार बिक्री के लिए पंजीयन कराया है। इसके अलावा 284 किसानों ने धान व 50 किसानों ने बाजरा का पंजीयन कराया है। अक्तूबर माह तक हुई बारिश से खरीफ फसलों की उपज में भारी गिरावट आई है। साथ ही जलभराव होने से दाना भी खराब हो गया है। माल की आवक कम होने से खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
-
मूंगफली के दाने निकल रहे काले
मुस्करा कस्बा निवासी किसान केशव प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने मूंगफली की फसल बोई थी, जो अभी खेतों में ही पड़ी है। जलभराव होने से कई बार फसल पलटनी पड़ी है। इसके बाद भी मूंगफली का दाना काला पड़ गया है। कहीं-कहीं मूंगफली अंकुरित भी होने लगी है।
पानी सूखने का कर रहे इंतजार
किसान लखन का कहना है कि नौ बीघे खेत में अभी भी धान की फसल खड़ी है और खेत में पानी भरा है। पूरी फसल जमींदोज हो गई है। इससे भारी नुकसान हुआ है। फसल की लागत निकलना भी मुश्किल दिख रहा है।
-
फसलों का सर्वे करा दिलाया जाए मुआवजा
किसान अनिल तिवारी ने बताया कि खरीफ फसलें नष्ट होने से रवि फसल की लागत जुटा पाना मुश्किल पड़ रहा है। शासन-प्रशासन फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाए।
महज तीन से चार ट्रैक्टर आया माल
गल्ला व्यापारी गया प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इस बार अतिवृष्टि के चलते बुआई प्रभावित हुई है। खरीफ फसलों का भारी नुकसान हुआ है। किसान के पास माल न होने के कारण मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ है। दिनभर व्यापारी और पल्लेदार किसानों के माल का इंतजार करते रहते हैं। रविवार को मंडी में महज 3-4 ट्रैक्टर माल ही दिखाई दिया। मूंगफली और धान की जो फसल किसान ला रहे हैं, वह काली पड़ चुकी है। इससे भाव भी गिरा है।
फोटो 09 एचएएमपी 15- मुस्करा गल्ला मंडी में किसानों का इंतजार करते व्यापारी और पल्लेदार। संवाद