गहरौली गांव में लगी सब्जी मंडी।
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नोटबंदी के बीच बुंदेलखंड में भी कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर आदि जनपदों के कोल्ड स्टोरों में डंप आलू की खेप आने लगी है। जिले की सब्जी मंडियों में व्यापारी इस मुफ्त के आलू को वाहनों में भरकर बेच रहे हैं। कभी आसमान छूने वाले आलू के भाव आज धरातल पर पहुंच गए हैं। फिलहाल आलू जिले की मंडियों में कौड़ियों के भाव बिक रहा है।
वहीं, नोटबंदी का असर अन्य सब्जियों पर भी देखा जा रहा है। सब्जी मंडी में आलू का रेट चार रुपये किलो है। मप्र से आने वाले टमाटर के भाव भी गिरे हैं। गहरौैली गांव में लगी साप्ताहिक बाजार में आलू सहित अन्य सब्जियों के भावों में भारी गिरावट रही। सब्जी खरीदने पहुंचे ग्रामीण भाव सुन आश्चर्य में पड़ गए। जिन लोगों के पास फुटकर पैसे रहे उन्होंने तो जमकर सब्जी खरीदी।
वहीं दो हजार के नोट वाले भी मायूस नहीं हुए, उन्हें सब्जी विक्रेताओं ने फुटकर की समस्या को देखते हुए उधार में ही सब्जी तौल दी। नोटबंदी का ही असर है कि आसमान छूने वाला आलू चार रुपये, टमाटर पांच रुपये, बैगन तीन रुपये, मूली दो रुपये, पालक चार रुपये, गोभी तीन रुपये, अदरख 35 रुपये और मेथी 15 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रही है।
ऐसो लगत 20 साल पुरानों समय आ गौ
गहरौली के बाजार में सब्जी खरीदने पहुंचे वृद्ध राजबहादुर द्विवेदी ने कहा भइया ऐसो लगत कि जैसे बीस साल पुरानो समय आ गौ है। दिखो तो भटा और मूली का इतौ कम रेट तो हमें जमाने से देखन का नहीं मिलो है। बातचीत में बोले भइया ऐसी नोटबंदी अगर समय-समय पर होती रहे तो हरी सब्जियां सस्ती तो मिलत रहै।