क्षेत्र के गहरौली एवं इमिलिया ग्रामीण बैंकाें में भुगतान व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। हालात यह है कि लोग शादी ब्याह एवं खाद बीज के लिए रुपये निकालने के लिए लोग परेशान घूम रहे हैं। उधर पहले से टोकन पा चुके लोगाें ने भुगतान न मिलने पर गहरौली की बैंक में जमकर हंगामा काटा। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में 11:40 बजे लगी लाइन में खड़े लोगों से बातचीत की गई। पेश है एक रिपोर्ट-
खाद बीज को कहां से लाए पैसा
बैंक में लाइन में खड़े हुसैना निवासी रमेशचंद्र द्विवेदी ने बताया कि खाद बीज खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं है और एक सप्ताह से वह बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। मगर धनराशि नहीं निकाली जा रही है। हालांकि वह नोटबंदी को उन्होंने सही बताया।
एक सप्ताह से लगा रहे चक्कर
गांव निवासी रमाकांत साहू ने बताया कि उसके लड़के की 30 नवंबर को शादी है। 24 नवंबर को उसका तिलक आना है। लेकिन मैनेजर उसके रुपये नहीं निकाल रहे हैं। जबकि एक सप्ताह से वह बैंक के चक्कर काट रहा है। तिलक व शादी का समय सिर पर है, ऐसे में वह कैसे मेहमानों की आवभगत करेगा, इसकी चिंता सता रही है।
बीमार लड़के का नहीं हो रहा इलाज
इमिलिया गांव स्थित इलाहाबाद बैंक में उमरी निवासी रसिक कुमार ने बताया कि उसका लड़का बीमार है। शुक्रवार को कानपुर में एमआरआई जांच होनी है। मगर पिछले एक सप्ताह बैंक द्वारा मात्र एक हजार रुपये दिए गए हैं। जबकि बैंक में एक सप्ताह पूर्व 25 हजार रुपये निकालने के आदेश हैं।
दो हजार रुपये ही दिए
इमिलिया गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि 26 नवंबर को उसकी बहन का गोद भराई कार्यक्रम हैं। बैंक ने महज दो हजार रुपये का भुगतान किया है। बीस हजार रुपये की चेक भुगतान के लिए लगाया था। लेकिन प्रबंधक ने भुगतान करने से मना कर दिया।
रोजाना मिल रहे महज तीन लाख
इलाहाबाद बैंक इमिलिया के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि बैंक में एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों का खाता है। प्रतिदिन महज तीन लाख का कैश मिल रहा है। उसी अनुसार सभी को थोड़ी-थोड़ी धनराशि दी जा रही है।