सुमेरपुर में बांदा रोड़ में जाम लगाए ग्रामीण।
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खाद-बीज के लिए भतीजे के खाते से पैसा निकालने बैंक पहुंचे किसान को कैश खत्म होने की सूचना मिलते ही दिल का दौरा पड़ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने बांदा-सुमेरपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। अधिकारियों के समझाने पर तीन घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विकासखंड क्षेत्र के टेढ़ा गांव निवासी किसान घसीटा कुशवाहा (55) 24 नवंबर से अपने भतीजे राजेश कुशवाहा के साथ गांव स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से पैसा निकालने के लिए चक्कर काट रहा था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह राजेश के साथ फिर बैंक पहुंचा। जैसे ही यह सूचना मिली की बैंक में आज भी पैसा नहीं है, उसे अटैक पड़ गया। राजेश के मुताबिक अस्पताल ले जाए जाने से पहले ही उसके चाचा ने दम तोड़ दिया।
घटना से गुस्साए लोगों ने दोपहर करीब 12 बजे बैंक के सामने बांदा-सुमेरपुर मार्ग जाम कर दिया। इससे बांदा, झांसी, उरई, हमीरपुर जाने वाली परिवहन निगम की बसों के अलावा दर्जनों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष आरके सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से जाम हटाने का अनुरोध किया। किसानों के न मानने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर सीओ सदर गुरुदयाल कटियार, तहसीलदार सालिगराम मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर तीन घंटे बाद जाम खुलवाया।
इस बाबत बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक बीवी सिंह ने बताया कि कैश की समस्या जिले की सभी शाखाओं में है। जिस किसान की मौत हुई है, उसके खाते में सिर्फ 673 रुपये जमा थे। बैंक के सामने उसकी मौत होने पर कुछ लोगों ने जान बूझकर बैंक को बदनाम करने की साजिश रची है। मामले की जांच कराएंगे। बैंक कर्मियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।