फोटो 27 एचएएमपी 10- पंचायत भवन में संचालित पुस्तकालय में तैयारी करते छात्र। संवाद
गहरौली (हमीरपुर)। ग्राम सचिवालय में एक छोटे से कमरे में लाइब्रेरी चालू कर दी गई लेकिन संसाधनों के अभाव में छात्र परेशान हैं। यहां वाटर कूलर, कंप्यूटर सहित सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए हैं। बारिश में छत टपकती है। यहां कर्मचारी तक नियुक्ति नहीं किया गया है। गहरौली कस्बा के ग्राम सचिवालय में संचालित डिजिटल मॉडल लाइब्रेरी की संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गुरुवार को पड़ताल की। पड़ताल के दाैरान जमीनी हकीकत अलग ही नजर आई। यहां एक छोटे से कमरे में नौ छात्र पढ़ते मिले। किताबें चार अलमारी में व्यवस्थित ढंग से रखी थीं लेकिन कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं मिली। हालांकि कंप्यूटर टेबल उपलब्ध कराई गई हैं। शासन से पुस्तकालय में 896 किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें रामायण, महाभारत, गीता, सामान्य रोग, कैंसर, किशोरावस्था में बदलाव और तनाव से राहत, खेलकूद, बाल साहित्य सहित विभिन्न सरकारी नौकरी की तैयारी से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।
रोजाना यहां करीब 20 छात्र पढ़ने को आते हैं। लाइब्रेरी के संचालन और देखरेख के लिए अलग से कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। पंचायत सहायक सूरजभान ने बताया कि अधिकारी के निर्देशों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। किसी की तलाशी लेने का कोई आदेश नहीं मिला है। छात्रों के पढ़ने का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है लेकिन वह छात्रों के हित में सुबह आठ बजे ही लाइब्रेरी में पहुंच जाते हैं।