भरुआ सुमेरपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की टीम चार फरवरी को गायत्री गंगा (करोड़न नदी) की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मौके पर पहुंचेगी। इससे पूर्व रविवार को एडीएम न्यायिक रिजवाना शाहिद ने एसडीएम सदर केडी शर्मा, तहसीलदार, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश आर्य तथा वन विभाग की टीम के साथ नदी का निरीक्षण किया।
समाजसेवी राजेश शिवहरे ने गत वर्ष एनजीटी में याचिका दाखिल कर गायत्री गंगा से अतिक्रमण हटाने और साफ-सफाई कराने की मांग की थी। एनजीटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी। प्रशासन ने इसे बरसाती नाला बताते हुए रिपोर्ट दी, जबकि याचिकाकर्ता का दावा है कि यह वर्ष भर बहने वाली नदी है, इसमें लगातार पानी रहता है।
इसी तथ्य की जांच के लिए एनजीटी की टीम तीन फरवरी को मुख्यालय पहुंचेगी और चार फरवरी को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। याचिका कर्ता ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी।