एक पखवारे पहले राठ-महोबा मार्ग पर नगर पालिका परिषद से लाखों खर्च कर निर्मित कराए गए नाले पानी में जमींदोज होने पर पालिका प्रशासन ने तीन ठेकेदारों को नोटिस थमाई हैं। बता दें कि ठेकेदारों पर नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करने का आरोप है।
ज्ञात हो कि नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये खर्च कर नगर का विकास कार्य कराया जा रहा है। 25 दिन पहले राठ महोबा मार्ग पर ब्रह्मानंद संस्कृत महाविद्यालय के सामने करीब 30 लाख रुपये की लागत से 450 मीटर लंबे नाले का निर्माण कराया गया था। बीते एक पखवारे पहले हुई जोरदार बारिश के दौरान नाला भरभरा कर जमींदोज हो गया था।
जिससे नगर पालिका प्रशासन को खासी लंबी चपत लगी थी। बताते हैं कि नाला निर्माण में ठेकेदारों ने मानकों को धता बता घटिया सामग्री का प्रयोग किया था। जिसके चलते नाला एक बरसात भी नहीं झेल सका। लोगों का कहना था कि नाला निर्माण में सीमेंट कम मौरंग अधिक मिलाई गई थी। जिससे नाला पूरी तरह से कमजोर हो गया था।
वहीं एक ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टेंडर के दौरान भारी कमीशन लिया जाता है। कमीशनबाजी के चलते नाले की गुणवत्ता कैसे ठीक रहेगी। नाला के जमींदोज होने पर नगर पालिका प्रशासन ने तीन ठेकेदारों को नोटिस थमाते हुए नाला का निर्माण पुन: कराने का निर्देश दिया है।
ईओ आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि भुगतान पर रोक लगा दी गई है। जेई सुभाष मौर्या ने बताया कि नाला का ठेकेदारों द्वारा पुन: नाला का निर्माण कराया जाएगा। यदि ठेकेदार नाले का निर्माण नहीं करते हैं तो उनकी सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी।