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Hamirpur News: आंखें खुलने से पहले छीन ली नवजात की जिंदगी

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फोटो- 23एचएएमपी 19- स्टॉफ नर्स से जानकारी लेते दरोगा। संवाद
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हमीरपुर। मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल के एक वार्ड के महिला शौचालय में नवजात बच्ची का शव मिला। बताया जा रहा है कि बच्ची का जन्म महज चार-पांच घंटे पहले ही हुआ था। वह इस दुनियां में आई तो जरूर लेकिन उसकी आंखें खुलने से पहले ही जिंदगी उससे छीन ली गई। पुलिस ने शव की पहचान के लिए पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवाया है। लोगों की जबान पर एक ही सवाल था... आखिर किसने मां के कलेजे के टुकड़े को उससे अलग कर दिया।
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मंगलवार सुबह महिला सफाईकर्मी गुड़िया वार्ड के शौचालय में सफाई करने पहुंची। वहां नवजात के शव को देखते ही वार्ड में तैनात स्टाफ को जानकारी दी। स्टाफ ने इसकी जानकारी सीएमएस और फिर सीएमओ को दी। शौचालय में ताला डाल दिया गया। जिला अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शौचालय का ताला खुलवाकर नवजात के शव को कब्जे में लिया।

सीएमएस डॉ. आरएस प्रजापति ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले लेकिन ऐसा कोई संदिग्ध नजर नहीं आया। सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक अस्पताल प्रशासन पूरी तरह हलकान रहा। सूचना पर सीएमओ डॉ. अलका शुक्ला भी पहुंची। सीएमएस व सीएमओ दोनों ने एक ही जवाब दिया कि यहां प्रसव नहीं होता है, फिर नवजात को कौन लाया, यह कह पाना मुश्किल है।
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तड़के कोई छोड़ गया नवजात
सुबह आठ बजे अस्पताल प्रशासन को जानकारी हुई। शव देखकर अनुमान लगाया गया कि यह चार से पांच घंटे पहले का ही है और पूरे नौ माह का है। प्रशासन का मानना है कि भोर के वक्त तीन से चार के बीच में कोई छोड़ गया। वह जिंदा थी या मर चुकी थी इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

बताओ मेरा कसूर क्या था
इस तरह एक नवजात बच्ची का शव मिलना समाज के सामने कई कड़वे सवाल खड़े कर गया है। आखिर कब तक बेटियां जन्म लेने से पहले या जन्म लेते ही मौत के हवाले की जाती रहेंगी। जब उसकी सांसे थम रहीं होगी तो वह पूछ रही होगी कि मां तुमने मुझे नौ माह तक गर्भ में रखा, फिर ऐसा क्या था कि मुझे आंचल का प्यार तक नहीं दिया। आखिर मेरा कसूर क्या था... क्या सिर्फ इतना कि मैं एक बेटी थी।
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अनसुलझे सवाल

किसी ने बेटी होने के कारण उसे अपनाने से इन्कार कर दिया।
नवजात को जिंदा हालत में छोड़ा गया या फिर सांसें थमने के बाद।
आखिर उसका प्रसव कहां हुआ और किसने कराया।
जिला अस्पताल के शौचालय को ही क्यों चुना गया।
क्या महिला अस्पताल या फिर आसपास के प्राइवेट अस्पताल में प्रसव हुआ।

फोटो- 23एचएएमपी 19- स्टॉफ नर्स से जानकारी लेते दरोगा। संवाद

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