मोराकांदर गांव में चमक बिखेर रहा पंचायत भवन।
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मुख्यमंत्री द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान का कुछ असर मुख्यालय सहित शहरी इलाकों तक देखने को मिल रहा है। लेकिन गांवों की सूरत अभी ज्यों की त्यों है। गांवों में बैठकों के लिए बनाए गए ज्यादातर सचिवालय जर्जर पड़े हैं। वहीं सुमेरपुर विकासखंड क्षेत्र मोराकांदर गांव में बने पंचायत भवन की मरम्मत
कराकर साफ-सफाई कराने के मामले में प्रधान ने एक नजीर पेश की है। इतना ही नहीं गांव को वह खुले में शौच मुक्त कराने की इच्छा रखते हैं।
बसपा व सपा शासन काल में अधिकांश गांवों में पंचायत भवन बनाए गए हैं। लेकिन यह बैठने लायक नहीं है। वर्ष 2006-07 में मोराकांदर गांव में बनाए गए
पंचायत भवन का भी हाल कुछ ऐसा ही था। लेकिन प्रधान प्रमोद द्विवेदी बताते हैं कि भवन की हालत बहुत खराब थी। अन्ना मवेशी अपना अड्डा था। मात्र 1.12 लाख रुपये के खर्च कर पंचायत भवन की चमक बिखेरी है। गांव में चार सफाई कर्मी हैं। जो प्रतिदिन आकर गांव में सफाई करते हैं। यह पंचायत भवन
जिले के ग्राम प्रधानों के सामने नजीर है। प्रधान कहा कि पिछले दिसंबर माह में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए अपर जिलाधिकारी डा.राजेश प्रजापति पंचायत भवन को देखकर खुशी जता चुके हैं।