हमीरपुर। विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अफसरों को जिले के प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद के तल्ख तेवरों का सामना करना पड़ा। विलंब से आए सीवीओ समेत गैरहाजिर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। सड़कों पर हुए गहरे गड्ढों को जानलेवा बताया गया। कहा कि विभागीय अधिकारी आखिर कर क्या रहे हैं। 28 मई को आई आंधी में टूटे विद्युत पोल कई जगह के अभी तक नहीं बदले गए। जब सूची मांगी तो अधीक्षण अभियंता कोई जवाब नहीं दे पाए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जलशक्ति विभाग के राज्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद ने विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सीएम डैशबोर्ड पर विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोई भी सड़क सुरक्षित चलने लायक नहीं है। गड्ढे जानलेवा हो गए अफसर ध्यान नहीं दे रहे। उन्हें बताया गया कि जिले में 190 मार्ग खराब है। करीब 502 किमी खराब सड़कों पर पैचवर्क व मरम्मत के काम कराए जाएंगे। मंडी परिषद से तीन माह पूर्व मरम्मत हुई सड़क पहले से ज्यादा बदहाल हो गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कभी उस मार्ग पर चलकर भी देख लीजिए।
28 मई को आए आंधी तूफान में बड़ी संख्या में विद्युत पोल व तार टूट गए थे। सरकारी व गैर सरकारी नलकूपों के तार व खंभे तो अभी तक नहीं लग सके। गिटकरी में 200 नंबर नलकूप के तार टूटे पड़े है। स्टोर में मनमानी चल रही है। बैठक में समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन कल्याण विभाग समेत सभी प्रमुख विभागों के कार्यों की समीक्षा हुई।
मंत्री ने कहा कि आईजीआरएस की शिकायतें हो या संपूर्ण समाधान दिवस कीं। शिकायतें निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फर्जी शिकायतों का निस्तारण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विधायक सदर डॉ. मनोज कुमार प्रजापति, मनीषा अनुरागी, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अशोक तिवारी, डीएम अभिषेक गोयल, एसपी मृगांक शेखर पाठक, सीडीओ अरुण कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलका शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक बोले मेरे गांव में ही पानी का संकट
नमामि गंगे के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे अधिकारियों को सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि मेरे गांव पौथिया में ही पेयजल संकट दूर नहीं हुआ है। राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि ममना गांव के एक मोहल्ले में तो पानी पहुंचता ही नहीं है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पेयजल की शिकायतों को तीन दिन में निस्तारित करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बगैर प्रबंध समिति के सालों से संचालित हो रहे विद्यालय
जिले में वित्त पोषित पांच विद्यालय ऐसे है जो बगैर प्रबंध समिति के सात साल से संचालित हो रहे है। यहां पर मनमानी के चलते निरंतर छात्र पंजीकरण गिरता जा रहा है। डीआईओएस महेश कुमार गुप्ता से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एकल संचालन के माध्यम से चल रहे है। जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे। एकल संचालन की समय सीमा पूछी तो वह जवाब नहीं दे पाए। शासनादेश की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था नहीं चलेगी।