राठ। आर्थिक तंगी व कर्ज से जूझ रहे श्रमिक ने गांव के बाहर पेड़ पर फांसी लगा ली। वह एक पखवारे पहले ही ईंट-भट्ठे से मजदूरी कर गांव लौटा था।
अलकछवां गांव निवासी जयसिंह अहिरवार ने बताया उनका छोटा भाई किशनलाल (55) एटा के ईंट-भट्ठे पर परिवार सहित मजदूरी करते थे। 15 दिन पहले लौट कर आए थे। मंगलवार शाम शौच की बात कहकर बाहर गए थे। रात भर वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर आम के पेड़ पर उनका शव फांसी पर लटका देखा। बताया उनके नाम पर दो एकड़ कृषि भूमि है। पैदावार न होने पर वह मजदूरी करते थे। डेढ़ लाख रुपये बैंक व एक लाख रुपये साहूकारों का कर्ज था। परिवार में पत्नी रामश्री, दो पुत्र देवीदीन, भूरा व पुत्री रोशनी हैं। बडे़ पुत्र देवीदीन का विवाह तय था। मगर लॉकडाउन के चलते शादी नहीं हो सकी। जरिया थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने कहा श्रमिक की पत्नी बीमार रहती थी, जबकि वह शराब का लती था।