हमीरपुर। 102 एंबुलेंस के ईएमटी और पायलटों ने वाहनों के चक्का जाम कर मानदेय कम दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। एंबुलेंस खड़ी होने से प्रसुताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बतादें जिला अस्पताल में रोजाना एंबुलेंस से करीब 30 मरीजों को लाने व भेजने का काम होता था। हड़ताल से प्रसूता प्राइवेट वाहन व ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंच रही हैं।
एंबुलेंस संगठन के जिलाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया जिले में 102 की 16 एंबुलेंस संचालित हैं। उन्होंने बताया जीवीके संस्था की ओर से एंबुलेंस कर्मियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। कहा महामारी में भी ड्यूटी करने के बाद उनके वेतन में कटौती की जा रही है। संस्था के अधिकारियों से पूरा वेतन दिए जाने की मांग पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने से प्रसूता महिलाओं को आने व जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रसूता अपने प्राइवेट वाहन व ई रिक्शा से आने को मजबूर हैं। उधर दूर दराज गांव से प्रसूताएं पैदल ही अस्पताल पहुंच रही हैं। प्रदर्शन के दौरान सरताज आलम, अजीत गुप्ता, महेंद्र कुमार, जयप्रकाश, दीपिका, सागर, आलोक, स्वदेश, जितेंद्र चौहान मौजूद रहे। सीएमओ आरके सचान ने कहा एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने से परेशानी हो रही है। उनकी मांगों को लेकर संस्था के अधिकारियों से बात की जाएगी और उनकी मांगों का निस्तारण कराया जाएगा।