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कई केंद्रों पर नहीं हुई हौसला पोषण योजना की शुरुआत

Wed, 10 Aug 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
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मोराकांदर गांव के आंगनबाड़ी केद्र में गर्भवती महिलाओ को भोजन वितरित कराते ग्राम प्रधान। - फोटो : अमर उजाला
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शासन द्वारा चलाई गई हौसला पोषण मिशन योजना का बुधवार को जिले में शुभारंभ किया गया। डीएम उदयवीर सिंह यादव ने सुमेरपुर विकास खंड के गोद लिए गांव चंदौखी पहुंच योजना का शुभारंभ किया। गांव के आंगनबाड़ी केंद्राें में गर्भवती महिलाओं को निर्धारित मीनू के अनुसार तहरी, दही व मौसमी फल दिए गए।
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जबकि बच्चों को हलुवा, फल व भुने चने व ग्लूकोज बिस्किट दिए गए। डीएम ने अपने सामने कुपोषित बच्चों का वजन भी कराया। वहीं, मौदहा विकासखंड क्षेत्र के कई स्थानों पर प्रधानों के सहयोग न करने व कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की लापरवाही के चलते गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों को भोजन नहीं मिल सका। सुमेरपुर के 95 फीसदी केंद्रों पर योजना की शुरुआत ही नहीं हो सकी।

सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह ने पांच गांवों का निरीक्षण कर हकीकत परखी। उन्हाेंने सभी जगह सूरजपुर, नारायनपुर, मकरांव, कम्हरिया व सिलौली गांवों के आंगनबाड़ी केंद्राें में निर्धरित मीनू के अनुसार भोजन बना पाया। केवल मकरांव मे मीनू दीवार पर लिखा पाया। जबकि अन्य केंद्रों में अंकित नहीं मिला। जिस पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें से मीनू लिखने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला कृषि अधिकारी सरस कुमार तिवारी ने अपने गोद लिए गांव बेरी का निरीक्षण किया।
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छानी प्रतिनिधि के अनुसार, हौसला पोषण यरोजना का शुभारंभ छानी बुजुर्ग गांव में ग्राम प्रधान वंदना यादव की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के सहयोग से किया गया। जिसमें गांव की 16 गर्भवती महिलाओं व 4 कुपोषित बच्चो को पौष्टिक भोजन कराया गया।

वहीं, मोराकांदर ग्राम पंचायत के चार आंगनबाड़ी केंद्रों में 17 गर्भवती महिलाओं व 12 कुपोषित बच्चों को भोजन कराया गया। ग्राम प्रधान प्रमोद द्विवेदी की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सरीला व बिवांर के केंद्रों में भी योजना की शुरुआत हुई।

मुस्करा सीडीपीओ ममता निरंजन ने इन आंगनबाड़ी केंद्रो का निरीक्षण किया। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के कई स्थानों पर प्रधानों के सहयोग न करने व कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की लापरवाही के चलते गर्भवती महिलाओं व नन्हें मुन्हें बच्चों को गरमा गरम भोजन नहीं बन सका।

हालांकि विकासखंड क्षेत्र में जांच पड़ताल के लिए नौ जिला स्तरीय अधिकारी लगाए गए थे। चांदीकला में ग्राम प्रधान द्वारा योजना का धन न आने पर आंगनबाड़ी का सहयोग न करने की शिकायत मिली। वहीं, टिकरी गांव के तीन केंद्रों में से एक में भी भोजन नहीं बन सका। कुनहेटा में पांच केंद्र है, जिनमें भोजन नहीं बन सका।


सीडीपीओ ने मानी पहले दिन आई समस्याएं
मौदहा। बाल विकास परियोजना के सीडीपीओ इंद्रपाल ने बताया कि बुधवार से शुरू हुई हौसला पोषण योजना में कुछ स्थानों पर ही समस्याएं आईं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या बैंकों से आई है। शासन के निर्देशों के मुताबिक, शून्य बैलेंस पर प्रधान व आंगनबाड़ी का संयुक्त खाता बैंकों ने खोल दिए। लेकिन जब इनमें योजना का धन पहुंचा, तो इसको निकालने के लिए इलाहाबाद बैंक ने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले एक हजार रुपये नगद खाते में जमा कराएं। इसके बाद चेकों के माध्यम से ही भुगतान होगा।

गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई हौसला पोषण योजना का शुभारंभ क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्रों में हुआ। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए दबाव में दिख रहे अधिकारियों ने पहले ही दिन महिलाओं की भीड़ देख राहत की सांस ली। कस्बे से सटे अतरौलिया गांव की तीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं प्रधान की मौजूदगी में मीनू के अनुसार भोजन कराया गया। इस दौरान योजना के तहत अति कुपोषित बच्चों को भी भोजन कराया।

प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए बुधवार से शुरू हुई योजना के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की भीड़ रही। हालांकि पहले दिन योजना की शुरूआत उत्साह के साथ हुई। कस्बे से सटे अतरौलिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्री अमिता श्रीवास्तव ने पंजीकृत 10 गर्भवतियों को दही और तेहरी का खिलाई। ग्राम प्रधान बृजपाल राजपूत की मौजूदगी में महिलाओं को भोजन कराने के बाद फल वितरित किए गए। इसी तरह से अतिकुपोषित बच्चों को भोजन कराया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी सहायिका मधु सक्सेना, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शशि त्रिपाठी आदि ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।


भरआसुमेरपुर ब्लाक में हौसला पोषण हाट मिशन शुरुआत में ही धड़ाम हो गई। योजना ब्लाक के 95 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्राें में शुरू नहीं हो सकी। कुंडौरा गांव में बाल विकास विभाग ने इसका शुभारंभ कराकर अपनी नाक बचाई है। डीपीओ ने भी शुरुआत में योजना के लड़खड़ा जाने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि इसी सप्ताह के अंदर योजना पटरी में आ जाएगी।

ग्राम प्रधानों की उदासीनता तथा बाल विकास विभाग की लापरवाही से तमाम जगहों पर खातों का संचालन ही शुरू नहीं हो सका। तमाम जगहों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल में शामिल हो जाने के कारण केंद्र ही नहीं खोले गए।

ब्लाक में कुंडौरा ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान अवधेश यादव ने इस योजना का शुभारंभ कराकर बाल विकास की नाक बचाई। यहां पर बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर नम्रता गुप्ता ने ग्राम प्रधान के साथ इस योजना का शुभारंभ किया।

इस मौके पर पूर्व प्रधान उपदेश यादव, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी अनिल यादव, डा. बृजेश कुमार, आंगनबाड़ी रेखा पाल, निर्मला यादव, सुशीला यादव, सुनीता यादव आदि मौजूद रहीं। नारायनपुर की कार्यकत्री संतोष कुमारी सिंह ने बताया कि खाते में धन ही नहीं आया।

यहां निरीक्षण को आए जिला कार्यक्रम अधिकारी पीडी विश्वकर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधानों के सहयोग न करने तथा कल शाम तक खातों में धनराशि भेजे जाने के कारण दिक्कतें आई हैं। इसी सप्ताह के भीतर सभी केंद्राें में इसको सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा।

मुस्करा प्रतिनिधि के अनुसार, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की चलाई गई हौसला पोषण योजना की शुरुआत ग्राम प्रधानों की देखरेख में शुरू हुई। ग्राम प्रधान त्रिभुवन सिंह राजपूत ने बताया कि बुधवार को कस्बे के सभी आंगनबाड़ी केंद्रो में गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों को दही, मौसमी फल व गर्म भोजन खिलाया गया।

इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री जनक, रजनी, माया, राखी, मुबीना, कुंती सहित अन्य कार्यकत्री व सहायिका मौजूद रहीं। इसी प्रकार मिहुंना ग्राम प्रधान मनप्यारे निषाद की मौजूदगी में आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं व बच्चों को पौष्टिक गर्म भोजन खिलाया गया। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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