हमीरपुर। विशेष न्यायाधीश कीर्तिमाला सिंह की अदालत ने एक नाबालिग से कई बार दुष्कर्म करने और डराने धमकाने के आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने दोनों ही मामलों में दोषी को 10 साल की कठोर सजा के साथ 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया किया है।
मौदहा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 23 जून 2018 को एक शिकायती सूचना थाना पुलिस को दी थी। उसमें बताया कि उसकी नाबालिग बेटी कक्षा नौ की छात्रा है। 20 मई 2018 को वह दोपहर दो बजे शौच के लिए गई थी। इसी दौरान गांव का इंद्रपाल आया और बेटी से दुष्कर्म किया। बेटी ने घर आकर पूरी बात बताई, लेकिन लोकलाज व डर की वजह से वह चुप रही। छह जून 2018 को रात लगभग 12 बजे बिटिया छत पर लेटी थी, तभी उसके चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब छत पर अपनी बहू के साथ पहुंची तो बेटी ने बताया इंद्रपाल आया और तमंचा दिखाकर मुंह बांधकर बलात्कार किया। दूसरे दिन इंद्रपाल के पिता मुन्ना से शिकायत की। इस पर इंद्रपाल व मुन्ना ने बिटिया को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
कोर्ट में गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, इसके आधार पर सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की न्यायाधीश ने बुधवार को फैसला सुनाया। आरोपी को धारा 376(2)एन के तहत 10 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ आठ हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। धारा 506 के तहत दो वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सभी धाराएं साथ साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।