फोटो27एचएएमपी 20-बेतवा नदी पुल के निरीक्षण के दौरान सेतु निगम के अधिकारी से बात करते डीएम। संवा
हमीरपुर। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने रविवार को 302 करोड़ से अधिक की निर्माणाधीन बेतवा-यमुना नदी पुल परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण सामग्री की जांच थर्ड पार्टी से कराने के साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ न करने के सख्त निर्देश दिए। कहा कि जिसके सुपरवीजन में मजदूर काम कर रहे हैं, उन पर सुरक्षा मानकों की जवाबदेही तय हो। बेतवा नदी के नए पुल की एक लेन को नवंबर माह के अंत तक चालू करने के लिए कहा।
शहर को भारी वाहनों के जाम से राहत दिलाने वाली बाईपास परियोजना की सुस्त चाल सिरदर्द बन गई है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन पुलों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की रफ्तार, गुणवत्ता और श्रमिकों की सुरक्षा की पड़ताल की। बेतवा नदी पर दोनों लेन में 26 स्पैन बनने हैं। एक लेन के सभी 13 स्पैन पूरे हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी का काम अधूरा है। उन्होंने कहा कि नवंबर माह के अंत तक एक लेन को चालू करने के लिए के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एनएच-34 और यमुना पुल के पहुंच मार्गों पर गड्ढों की स्थिति भी देखी। गड्ढों को भी भरने के निर्देश दिए। डीएम ने पुल निर्माण में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती दिखाई। सेफ्टी इंजीनियरों की नियमित निगरानी, सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य इस्तेमाल और मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा।
यमुना पुल में पांच स्पैन बने, बाकी में तेजी के निर्देश
यमुना नदी पर दोनों तरफ 16-16, कुल 32 स्पैन बनने हैं। अभी एक तरफ पांच स्पैन पूरे हुए हैं। काम की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए उपलब्ध संसाधनों और मैनपावर का पूरा इस्तेमाल कर निर्माण की गति बढ़ाने को कहा। सेतु निगम ने परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था लेकिन देरी के चलते अब यह काम जून 2027 में पूरा होना है। डीएम ने कहा कि अब समय और न बढ़ाया जाए।