महोबा। पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के क्रियान्वयन में महोबा को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। वहीं, मंडल के हमीरपुर जिले को 17वां, बांदा को 22वां और चित्रकूट ने 35वां स्थान पाया है। नगरीय विकास अभिकरण की ओर से जिले में निर्धारित लक्ष्य से डेढ़ गुना अधिक पटरी दुकानदारों को योजना के तहत ऋण दिलाया गया।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत पटरी दुकानदारों को खुद का काम करने के लिए आर्थिक मदद के रूप में दस हजार रुपये का ऋण वितरित किया जाता है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की है। इस वित्तीय वर्ष शासन की ओर से महोबा जिले को 317 पटरी दुकानदारों को ऋण मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विभागीय अधिकारियों ने 487 पात्रों को दस हजार रुपये का ऋण मुहैया कराया। शासन की ओर से पीएम स्वनिधि योजना की रैंक जारी की गई है। जिसमें महोबा जिले को प्रदेश में चौथा और मंडल में पहला स्थान प्राप्त हुआ है जबकि मिर्जापुर को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला।
नगरीय विकास अभिकरण के सहायक परियोजना अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत पात्रों को आसानी से ऋण मुहैया कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वालों को दूसरी बार और अधिक ऋण मुहैया कराया जाता है। ताकि पटरी दुकानदार अपना व्यापार बेहतर तरीके से कर सकें। बताया कि इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया जारी है। यदि किसी पटरी दुकानदार को व्यापार के लिए ऋण की आवश्यकता है तो विभाग में आवेदन कर सकते हैं। सर्वे के बाद पात्रता शर्तें पूरी मिलने पर आवेदक को ऋण मुहैया कराया जाएगा।