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लो वोल्टेज की प्रभावित भौली लिफ्ट कैनाल

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पावर कारपोरेशन की मनमानी से कुरारा ब्लाक की दो लिफ्ट कैनालों का संचालन प्रभावित है। बिलौटा पंप कैनाल में यमुना नदी की बाढ़ से ट्रांसफार्मरों का फाउंडेशन बहने के बाद अभी तक रखने की जहमत कारपोरेशन ने नहीं उठाई है।
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वहीं, पलेवा का समय निकलने से हो रही देरी को लेकर किसानों में बेचैनी है। यही हाल यमुना नदी से संचालित भौली गांव की लिफ्ट कैनाल है। सारे इंतजाम पूरे होने के बाद लो वोल्टेज के चलते मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इससे किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है।
बिजली कटौती के साथ लो वोल्टेज की समस्या किसानों पर भारी पड़ रही है। जिले में संचालित 10 लिफ्ट कैनालों से सिर्फ आठ हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई कर पा रही हैं।
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कैनालों पर बमुश्किल 19-20 घंटे ही बिजली मिल रही है। भौली पंप कैनाल में सिर्फ 290 वोल्टेज आ रहा है। जबकि कैनाल में लगी मशीनों के संचालन के लिए 440 वोल्टेज की दरकार है। कैनाल में 10-10 क्यूसेक दो व पांच क्यूसेक का मोटर पंप है। लेकिन लो वोल्टेज के चलते सिर्फ एक मोटर के जरिए ही किसानों को बरगलाया जा रहा है।
इसके चलते लिफ्ट कैनाल से छोड़ा जाने वाला पानी बमुश्किल एक किमी के दायरे में सिमट कर रह गया है, जबकि इस पंप कैनाल से 13.50 किमी लंबी नहरें हैं।
लघु डाल नहर विभाग से संचालित बिलौटा पंप कैनाल यमुना नदी में आई बाढ़ से डैमेज हुई। लघु डाल नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एसके त्रिवेदी का कहना है कि करीब सात लाख रुपये खर्च कर फाउंडेशन की मरम्मत कराने के साथ मोटर पंप स्थापित करा दिए हैं।
कहा कि दो ट्रांसफार्मर व चार पोल लगाने के बाद बिजली मिलने पर किसानों को पलेवा के लिए पानी दिया जा सकेगा। कहा कि पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
जिले की सबसे बड़ी 60 क्यूसेक क्षमता वाली पत्योरा लिफ्ट कैनाल वर्ष 1984 से अपने जीर्णोद्धार के लिए तरस रही है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से भी बजट नहीं मिला है। वहीं मरम्मत व रखरखाव न होने से लोग अपने मवेशियों को कैनाल के अंदर पानी पिलाते व नहलाते हैं। इससे कटान हो रही है।
छउवा सिंह ने बताया कि पिछले साल दो बार खेत के सामने से नहर फटी है, जिससे दो बीघे गेहूं की फसल सड़ी थी। शासन से एक भी मुआवजा नहीं मिला है। बुधवार से नहर चली है और गोशाला के मवेशी सारे नहर में घुसकर पानी पी रहे हैं।
नहर की पटरी कच्ची होने से कटान हो गई है। किसान रामकुमार सिंह ने कहा कि 35 साल पुरानी पंप कैनाल है। नहर जर्जर हालत में है। नए सिरे से जीर्णोद्धार होना चाहिए।
तभी लाभ मिल सकेगा। जेई राहुल वर्मा ने कहा कि किसान व पशुपालकों की लापरवाही से नहरें फटती हैं। बुधवार को कैनाल चालू कर ट्रायल लिया गया है। अब लगातार चालू रहेगी। ऐसे लोगों के नाम लिखकर किसान उन्हें दें कार्रवाई करेंगे।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त बिलौटा पंप कैनाल में चार पोल लगाकर ट्रांसफार्मर रखाया जाना है। ठेकेदार को सामान उपलब्ध करा दिया है। अगले दो दिनों ट्रांसफार्मर रखवाकर बिजली की आपूर्ति चालू करा दी जाएगी।
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राहुल सिंह, उपखंड अधिकारी, पावर कारपोरेशन
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