भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। चंदपुरवा गांव में गुरुवार की रात युवक की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। शुक्रवार सुबह खेत मालिक के बेटे ने शव पड़ा देखकर परिजनों को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का जायजा लेकर जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। सुमेरपुर पुलिस के अलावा डॉग स्क्वायड व फाेरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। प्रेम-प्रसंग में हत्या की चर्चा है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
भरुआ सुमेर थाना क्षेत्र के चन्दपुरवा गांव निवासी प्रदीप उर्फ रिंकू पांडेय (32) पिता के साथ खेती किसानी करता था। पिता प्रेम प्रकाश पांडेय ने बताया कि गुरुवार की रात गर्मी बहुत थी। बिजली न होने पर बेटा रिंकू दरवाजे पर बैठकर फोन पर बात कर रहा था। रात करीब 12:30 बजे फोन पर बात करता हुआ घर से निकल गया। सुबह पता चला कि उसका शव गांव के लक्ष्मी साहू के खेत पर पड़ा है। सूचना पर थानाध्यक्ष रामआसरे सरोज पहुंचे और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। इस पर सीओ सदर राजेश कमल, अपर एसपी मायाराम वर्मा के साथ ही एसपी दीक्षा शर्मा मौके पर पहुंचीं। मौका मुआयना कर परिजनों से जानकारी ली। एसपी ने घटना के खुलासे के निर्देश दिए।
डाॅग स्क्वायड व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एससपी डॉ. दीक्षा ने शर्मा ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बातचीत का सीडीआर निकलवा कर जांच की जाएगी।
शरीर पर चोटों के 13 निशान
भरुआ सुमेरपुर। पोस्टमार्टम में रिंकू के शव के शरीर पर चोटों के 13 निशान मिले हैं। सिर से खून अधिक निकल जाने के कारण उसकी मौत बताई गई। सिर के पीछे तरफ कान से सात सेंटीमीटर ऊपर लाठी या लोहे की रॉड से वार करने के निशान मिले है। इसके अलावा दाएं पैर में घुटने के नीचे फ्रैक्चर मिला। साथ ही दाए हाथ की दो अंगुलियां व बाएं हाथ की एक अंगुली टूटी मिली। वहीं बाए कंधे में भी फ्रैक्चर मिला है। घायल अवस्था में पड़े रहने से सिर से ब्लड अधिक मात्रा में निकल जाने से मौत की बात कही गई है।
बचने के लिए भागा था रिंकू
घटनास्थल पर बने पैरों के निशान बता रहे हैं कि खुद को बचाने के लिए रिंकू ने खूब भागदौड़ की। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के चलते मौजूदा में खेत गीले हैं। जिस खेत में शव मिला है, उसके आसपास खेतों में पैरों के निशान हैं। इन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि रिंकू बचने के लिए खेतों से भागा है। आगे बंधी होने और कांटेदार झाखड़ लगे होने के कारण वह भाग नहीं पाया। हत्यारों ने उसे लाठी या लोहे की रॉड से पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
चार भाइयों में दूसरे नंबर का था रिंकू
प्रदीप उर्फ रिंकू पांडेय चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। सेवानिवृत्त नलकूप चालक प्रेमप्रकाश पांडेय की छह संतानें थीं। इसमें चार भाई और दो बहनें थीं। बेटों में अतुल सबसे बड़ा, उसके बाद प्रदीप उर्फ रिंकू, संदीप व शोभित हैं। बहनों में संध्या और अंजलि है, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि कि पूरा परिवार हंसी खुशी के साथ अपना जीवन बिता था, लेकिन इस घटना ने उन्हें हतप्रभ कर दिया है।