बस स्टैंड के बाहर स्थित खोखों में ग्राहक न आने से बेकार खड़े दुकानदार
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हमीरपुर। बस अड्डा हमीरपुर के सामने खोखों के बाहर अतिक्रमण हटाने से दुकानदारों को रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। खोखाधारकों ने छज्जों को बढ़ाकर किए अतिक्रमण को लोक निर्माण विभाग ने हटाया है। चार दिन से चल रहे इस काम के कारण इन दुकानों में ग्राहक नहीं आ रहे हैं। दुकानों के बाहर मशीन लगी होने के कारण अधिकतर दुकानदारों ने दुकानें खोलने से भी परहेज किया है। इस कारण रोजाना इन दुकानों से कमाकर दो वक्त की रोटी का प्रावधान करने वाले दुकानदारों को खाने के लाले पड़े हैं।
विभागीय कर्मचारियों और मशीनरी ने चार दिनों में अतिक्रमण हटाने के कार्य को अंजाम दिया। इसके लिए कर्मचारी और मशीनरी रविवार को छुट्टी वाले दिन भी डटी रही। बता दें कि 58 खोखाधारकों में से कई नई दुकानों में शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन करीब दो दर्जन खोखाधारक नई दुकानों में शिफ्ट नहीं हुए हैं।
इनमें से अधिकतर वे खोखाधारक हैं जिन्हें गरीबी रेखा के तहत खोखे आवंटित हुए थे। ऐसे खोखाधारकों विनोद शर्मा, रोशन लाल, जोंगिंद्र का कहना है कि गरीब तपके के लोगों को जो खोखे आवंटित हुए थे उन्हें प्रशासन ने नई दुकानों में प्राथमिकता के आधार पर शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब अतिक्रमण हटाने का कार्य चला तो उनकी दुकानदारी ठप हो गई है। अधिकतर खोखाधारकों ने खोखे बंद रखे हैं और जिन्होंने खोले हैं वहां ग्राहक नहीं हैं। खोखों के आगे खोदी गई है। गंदगी और उखाड़ी सामग्री देख ग्राहक इन दुकानों में नहीं आ रहे हैं। इन खोखाधारकों ने नाली और फुटपाथ का कार्य जल्द पूरा करने की मांग की। इस संबंध में एसडीओ लोनिवि देवराज भाटिया का कहना है कि चार दिन में करीब-करीब सारा अतिक्रमण हटा दिया है। कार्य प्रगति पर है।