के न नदी क ी बाढ़ से घिरा छानी गांव।
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केन नदी में आई बाढ़ से शनिवार शाम पांच बजे तक छानी, खैर, गढ़ा, कपसा, शिवरामपुर, भुलसी के रिहायशी बस्तियों में पानी घुसने लगा। सबसे खराब हालत शिवरामपुर की है व मुनवा का डेरा पूरी तरह खाली हो चुके हैं और नदी का पानी इन गांवों में घुस गया है।
छानी गांव के क्योटरा सहित दो मोहल्लों में पानी घुसा है। लोगों को नाव से बाहर निकाला जा रहा है। वहीं खैर व बक्छा की बस्तियों में पानी घुस गया है। लोग सासत में हैं और इन गांवों तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। हजारों बीघे की फसलें नष्ट हो गईं हैं। गांव के स्कूलों में पानी भरा है। ग्राम प्रधान घनश्याम उर्फ लाली ने बताया कि नाव से लोगों को निकालकर ऊंचाई पर लाया गया है।
भोजन का इंतजाम किया गया है। उधर सिसोलर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह खैर गांव में हैं। नदी का पानी बस्ती के अंदर घुसने लगा है। बक्छा प्रधान रामसजीवन ने बताया कि उनके गांव की बस्ती तक पानी आ चुका है। सबसे खतरनाक स्थिति मजरा शिवरामपुर व मनवा के डेरे की है। अभी तक करीब दो सौ लोगों को निकाला जा सका है।
फिलहाल यहां कैथी से आने का मार्ग बचा है। भुलसी गांव में नदी का पानी भर गया है। इस संबंध में तहसीलदार राकेश कुमार मौर्या ने बताया कि संबंधित लेखपालों को गांव भेजा रहा है। बक्छा गांव के शिवरामपुर डेरा में मौके पर जाकर जायजा लिया और लोगों को बाहर निकालने में मदद की। केन नदी लगातार बढ़ रही है। बक्छा के निचले स्थानों में पानी घुसने लगा, गांव का मंदिर डूब चुका है।