फोटो19एचएएमपी 31- हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक। संवाद
मुस्करा (हमीरपुर)। जाति की कुरीतियों को छोड़कर हिदूं समाज को एकजुट होने की जरूरत है। बेटियों की रक्षा करना सभी का नैतिक कर्तव्य है। यह बात मुख्य अतिथि दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. आशीष गौतम ने कही।
सोमवार को कस्बे के मां कालिका मंदिर स्थित अमृत सरोवर तालाब परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भागवत शिवहरे ने मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई और राजगुरु-सुखदेव जैसे बलिदानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि शस्त्र विद्या का ज्ञान देना भी आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम परिस्थितियों में हमारी बेटियां भी रानी लक्ष्मीबाई की तरह शस्त्र उठा सकें, इसके लिए उन्हें तैयार करना होगा।
लव जिहाद पर बरसे महामंडलेश्वर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद गिरि ने अपने तीखे संबोधन में लव जिहाद जैसे मुद्दे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने भरुआ सुमेरपुर की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदुओं को अपनी बेटियों और धर्म की डटकर रक्षा करनी होगी। बेटियों को शस्त्र चलाने की विधा में निपुण करें। मोबाइल का कम प्रयोग करने दें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब हिंदुओं को जागने का समय आ गया है, संगठित रहें और अपनी पहचान पर गर्व करें।