हमीरपुर। भीषण जाम के चलते कानपुर सागर नेशनल हाईवे पर रात भर जाम लगा रहा। कई बारातें जाम में फंसी रहीं। जाम खुलवाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। ट्रक चालक भी परेशान होकर सड़क पर ही वाहन बंद कर सो गए। हद तो तब हो गई, जब एक गर्भवती को एंबुलेंस में बेटी को जन्म देना पड़ा।
शनिवार दोपहर भाजपा जिलाध्यक्ष का काफिला गुजरा था। इसके बाद अलियापुर टोल प्लाजा पर एक ट्रक खराब हो गया। इधर बेतवा पुल पर एक वाहन के खराब हो जाने से भीषण जाम लग गया। 29 नवंबर की लगन भी जोरदार होने के चलते कई बरातें जाम में फंस गईं।
सुमेरपुर के कुंडौरा से लेकर अलियापुर टोल प्लाजा तक करीब 20 किमी लंबा जाम लग गया। जाम खुलता न देख ट्रक चालक गाड़ी बंद कर अंदर सो गए। इससे पुलिस जाम खुलवाने में रात भर पसीना बहाती रही। इसका असर रविवार सुबह नौ बजे तक रहा।
ललपुरा थानाक्षेत्र के पौथिया गांव निवासी श्याम विश्वकर्मा ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे उसकी बेटी सोनम को प्रसव पीड़ा हुई, तो वह आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल के लिए निकले, लेकिन हमीरपुर में जाम लगे होने से परेशानी हुई। आखिर में बेटी ने एंबुलेंस में ही बेटी को जन्म दिया। इस दौरान उनके हाथ-पैर फूल गए। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम ने आकर उनका सहयोग किया। अब जच्चा-बच्चा दोनों सकुशल हैं।
टीका के बाद पहुंचे बराती
हमीरपुर से कुछेछा के बीच हालात बहुत ही खराब रहे। रात 11 बजे लक्ष्मीबाई तिराहे से कुछेछा तक पांच किमी पहुंचने में डेढ़ घंटे का समय लगा। जाम में कई बारात की बसें फंस गईं। जब तक वह पहुंची तब तक वहां द्वारचार टीका हो चुका था। भूख से जाम में फंसे बराती तड़पते रहे।
रात भर जाम चलता रहा। ट्रक चालक वाहन बंद कर गाड़ी में ही सो गए। इससे और भी समस्या उठानी पड़ी। सुबह जाकर यातायात बहाल हो सका। - हरवेंदर सिंह, यातायात प्रभारी।
फोटो 30एचएएमपी 27- रविवार सुबह नौ बजे जाम में लगी वाहनों की कतार। संवाद
फोटो 30एचएएमपी 27- रविवार सुबह नौ बजे जाम में लगी वाहनों की कतार। संवाद